IPS Anurag Sujania: मध्य प्रदेश के सागर (Sagar) जिले में हुए भीषण जहरीली शराब कांड के बाद जिले के पुलिस अधीक्षक (SP) और आईपीएस अधिकारी अनुराग सुजानिया (IPS Anurag Sujania) एक बार फिर सुर्खियों और विवादों के घेरे में आ गए हैं. सागर के बंडा में अमानक शराब से हुई मौतों के बाद पुलिस प्रशासन और खुद एसपी की पुलिसिंग पर सवाल खड़े होने लगे हैं.
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दिग्विजय सिंह ने लगाए हर ये गंभीर आरोप
सागर शराब कांड को लेकर प्रदेश की राजनीति पूरी तरह गरमा गई है. कांग्रेस के वरिष्ठ नेता और पूर्व मुख्यमंत्री दिग्विजय सिंह ने सागर एसपी अनुराग सुजानिया पर गंभीर आरोप लगाए हैं. दिग्विजय सिंह ने आरोप लगाया है कि एसपी अनुराग सुजानिया के संरक्षण में अवैध गतिविधियों को बढ़ावा मिल रहा है और उन पर हर महीने लगभग 50 से 60 लाख रुपये की कथित उगाही के गंभीर आरोप लगाए हैं. हालांकि, इन आरोपों की अभी स्वतंत्र रूप से पुष्टि नहीं हुई है, लेकिन इसने प्रशासनिक और राजनीतिक हलकों में खलबली मचा दी है.
मुरैना के बाद अब सागर में दोहराई घटना
आईपीएस अनुराग सुजानिया की कार्यशैली को लेकर यह विवाद नया नहीं है. इससे पहले जब वे मुरैना (Morena) जिले में तैनात थे, तब भी वहां जहरीली शराब के कारण बड़ा हादसा हुआ था. अब सागर जिले में तैनाती के दौरान एक बार फिर अमानक शराब के कारण 15 से अधिक लोगों की जान चली गई और दर्जनों लोग अस्पताल में जिंदगी और मौत की जंग लड़ रहे हैं. एक ही तरह की त्रासदी का दो अलग-अलग जिलों में उनके कार्यकाल के दौरान होना उनकी प्रशासनिक क्षमता और मैदानी पुलिसिंग पर कई बड़े प्रश्नचिह्न खड़े कर रहा है.
राजनीतिक घमासान और जांच की मांग तेज
जहरीली शराब कांड और पूर्व मुख्यमंत्री के आरोपों के बाद विपक्ष लगातार एसपी के निलंबन और मामले की निष्पक्ष जांच की मांग कर रहा है. विपक्ष का कहना है कि निचले स्तर के कर्मचारियों पर कार्रवाई करने के बजाय वरिष्ठ अधिकारियों की जवाबदेही तय होनी चाहिए. फिलहाल, सागर में पुलिस प्रशासन आरोपियों पर शॉर्ट एनकाउंटर और गिरफ्तारियों के जरिए सख्त कार्रवाई का दावा कर रहा है, लेकिन एसपी सुजानिया पर बने दबाव के बीच यह देखना महत्वपूर्ण होगा कि सरकार इस मामले में क्या रुख अपनाती है.
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