उत्तर प्रदेश की राजधानी में दौ बैंकर की मौत मामले में कई तरह के इनपुट सामने आ रहे हैं. ICICI बैंक में काम करने वाली दिव्या मिश्रा की बहन प्रज्ञा मिश्रा ने सोशल मीडिया पर डिटेल में पोस्ट डाला है. प्रज्ञा ने बताया कि दिव्या की हत्या करने वाला उसका पति मानस कैसे साइको जैसा व्यवहार करता था. प्रज्ञा ने मानस पर कई गंभीर आरोप लगाए हैं. प्रज्ञा ने बताया कि सुहागरात पर ही दिव्या को उसने खर्चों का ब्यौरा थमा दिया था और खर्च में आधा शेयर करने शर्त रखी थी. दिव्या मान भी गई थी.
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प्रज्ञा ने हत्या वाले दिन दिव्या के घर से निकलने, बैंक के सामने कार से उतरने और मानस के साथ झगड़े का सीसीटीवी भी शेयर किया है. प्रज्ञा ने पोस्ट में सवाल उठाया है कि ''एक बैंकर के साथ तीन-तीन हथियार कहां से आए. उसे कार चलाना नहीं आता था. वो ऑटोरिक्शा से आया. उसी ये गया थी. ऑटो कौन चला रहा था. क्या कोई मानस का साथ दे रहा था.'' प्रज्ञा ने बताया कि उन्होंने अपनी मां को दिव्या की मौत के बारे में नहीं बताया है. बस इतना बताया है कि उसकी हालत गंभीर है. प्रज्ञा पोस्ट में लिखती हैं- 'मम्मी को अब भी बताने की हिम्मत नहीं जुटा पाई..दिव्या की हालत क्रिटिकल है ये झूठ बताकर बगल में सुला दिया है..पहली बार लग रहा है कि सच कहना कितना मुश्किल होता है…वो पोस्टमॉर्मट हाउस के फ्रीजर में है..ये सच मैं नहीं कह पाई.'
सड़े टमाटर और हथों पर टैटू की क्या है कहानी ?
प्रज्ञा ने मृतक और आरोपी मानस पर कई गंभीर आरोप लगाए. उन्होंने ये भी कहा कि ब्लिंकिट से ऑर्डर किए गए टमाटर में कुछ सड़े निकल जाने पर भी दिव्या को ये कहते हुए पीटता था कि तून कैसे ब्लिंकिट किया कि टमाटर खराब निकल गए. प्रज्ञा ने ये भी बताया कि दिव्या को अभी भी उम्मीद थी कि सब ठीक हो जाएगा. इसलिए वो मानस के लिए तीज का व्रत रखने वाली थी. रिश्ते खराब होने के बावजूद उसने हाथों पर उसके नाम गुदा टैटू नहीं हटवाया कि सब ठीक हो जाएगा.
CCTV में लंगड़ाती दिखी दिव्या, प्रज्ञा ने बताई वजह
प्रज्ञा ने सीसीटीवी शेयर किया है जिसमें हत्या वाले दिन दिव्या घर से दफ्तर के लिए निकल रही है. वो लंगड़ा रही है. प्रज्ञा ने बताया कि कुछ दिनों पहले उसका एक्सीडेंट हुआ था. उसके हाथ और पैर फ्रैक्चर हुए थे. डेढ-दो महीने बाद उसने ऑफिस जाना शुरू किया था. अभी भी वो लंगड़ाकर चल रही थी. जब मानस ने बैंक के सामने उसपर अटैक किया तभी भी वो लंगड़ाते हुए अपना बचाव कर रही थी.
दो दिन पहले भी पीछा कर रुकवाने की कोशिश की
जांच में सामने आया है कि मानस ने दिव्या का दो दिन पहले भी पीछा करते हुए उसे रुकवाने की कोशिश की थी. प्रज्ञा मिश्रा ने एक अन्य पोस्ट के जरिए बताया था कि मानस उनकी बहन का रेकी करता था. हत्या के अगले ही दिन कोर्ट में दोनों के विवाद को लेकर तारीख थी. आरोप है कि वो दिव्या के ऑफिस आते-जाते समय लगातार नजर रखता था. दिव्या को अनहोनी की आशंका थी. उसने अपने करीबीयों से इस बात की चर्चा कि थी. उसे आशंका थी कि मानस उसे मार देगा. ध्यान देने वाली बात है कि दिव्या और मानस के बीच एक साल से कोर्ट में तलाक का केस चल रहा था. फिलहाल दोनों के बीच मीडिएशन की प्रक्रिया चल रही थी.
मानस की बहन का इलाज कराना चाहती थी दिव्या
बताया जा रहा है कि दिव्या मानस की बहन का इलाज लखनऊ के नूरमंजिल से कराना चाह रही थी. शादी के बाद ही दिव्या ने ननद का इलाज कराने की सोचा था. प्रज्ञा का कहना है कि वो शादी के इलाज करा भी रही थी.
पिछले एक साल से खर्च नहीं उठा रही थी दिव्या
प्रज्ञा ने बताया कि मानस ने दिव्या के बीच घर के खर्च का बंटवारा किया था. उसने इसे स्वीकार भी किया था. पिछले एक साथ से वो खर्च नहीं उठा रही थी. प्रज्ञा का कहना है कि खर्च न उठाना उसकी नजर में चीटिंग हो सकती है. प्रज्ञा ने सोशल मीडिया पर पोस्ट लिखते हुए कहा- 'मेरी बहन ने बताया था कि उसका पति साइको है.'
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