Meerut Dalit Murder Case: मेरठ के सरधना क्षेत्र के कपसाड़ गांव में दलित महिला की हत्या और उनकी बेटी के अपहरण के मुख्य आरोपी पारस सोम को पुलिस ने रविवार को CJM कोर्ट में पेश किया. इस दौरान कोर्ट परिसर में भारी पुलिस तैनात रहा. अब इस मामले में कोर्ट ने आरोपी पारस सोम को 14 दिनों की ज्यूडिशियल कस्टडी में जेल भेजने का आदेश दिया है. हालांकि, इस मामले में सुनवाई के दौरान आरोपी ने कुछ भी बोलने से किया इंकार किया है. इस बीच आरोप के वकील ने हमारे सहयोगी UP Tak से बात की है और बताया है कि कोर्टरूम में अंदर क्या क्या हुआ.
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वकील का दावा: 'मर्जी से गए थे, हत्या नहीं हुई'
कोर्ट के बाहर पारस सोम के वकील बलराम सोम और विक्रांत गोस्वामी ने मीडिया से बात की. बचाव पक्ष के वकील ने दावा किया कि पारस और लड़की के बीच पिछले ढाई-तीन सालों से प्रेम संबंध थे और वे अपनी मर्जी से साथ गए थे. वकील के अनुसार, पारस ने जज के सामने खुद को निर्दोष बताते हुए कहा कि उसने कोई हत्या नहीं की है. वकील ने दलील दी कि घटना के समय हुई छीना-झपटी में गलती से महिला को लग गई थी, जिससे उनकी मौत हो गई.
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यहां देखें वीडियो
रुड़की से हुई थी दोनों की बरामदगी
आपको बता दें कि पुलिस ने करीब 60 घंटे तक चले सर्च ऑपरेशन के बाद शनिवार देर शाम पारस सोम और लड़की को रुड़की के पास से बरामद किया था. मेरठ पुलिस और सहारनपुर पुलिस ने मिलकर इस संयुक्त कार्रवाई को अंजाम दिया था. आरोपी वारदात के बाद से ही लगातार अपनी लोकेशन बदल रहा था.
कोर्ट परिसर में सुरक्षा के कड़े इंतजाम
इस हाई-प्रोफाइल मामले को देखते हुए कोर्ट परिसर में सुरक्षा के पुख्ता इंतजाम किए गए थे. परिसर में सीनियर अफसरों के साथ कई थानों की पुलिस तैनात की गई थी.
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