Kotdwar Shop Name Dispute: उत्तराखंड के कोटद्वार में दुकान के बोर्ड में बाबा नाम काे लेकर हुए विवाद के बाद इन दिनों इलाके में माहौल तनावपूर्ण बना हुआ है. इस विवाद के दौरान बुर्जग दुकानदार के सपाेर्ट में अपना नाम मोहम्मद दीपक बताने वाले जिम संचालक दीपक कुमार ने हमारे सहयोगी आज तक से बातचीत की है. इस दौरान दीपक ने विवाद के दौरान जो कुछ हुआ वो सब बताया है. उन्होंने विस्त से घटना के बारे में जानकारी दी है. इस दौरान दीपक ने बातचीत में बताया कि घटना के दिन कुछ लोग बुजुर्ग के साथ बदतमीजी कर रहे थे और उन्हें भला बुरा कह रहे थे. एक जागरूक नागरिक होने के नाते मुझसे ये देखा नहीं गया और मैं बीच बचाव करने पहुंच गया. हालांकि इस विवाद के बाद उन्होंने अपने परिवार की सुरक्षा को लेकर भी चिंता जाहिर की है.
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खुद को क्या बताया 'मोहम्मद दीपक'?
इस घटना के बाद सोशल मीडिया पर दीपक कुमार का एक वीडियो वायरल हुआ था जिसमें वे अपना नाम मोहम्मद दीपक बता रहे हैं. इस वीडियाे को लेकर उन्होंने कहा कि उस समय वहां का माहौल बहुत खराब था. प्रदर्शनकारी एक विशेष समुदाय को निशाना बना रहे थे. दीपक का मकसद किसी को चिढ़ाना नहीं था बल्कि वे यह संदेश देना चाहते थे कि भारत एक ऐसा देश है जहां हिंदू, मुस्लिम, सिख और ईसाई सब मिलकर रहते हैं. उन्होंने केवल ये दिखाने के लिए अपना नाम मोहम्मद दीपक बताया ताकि वे उस समय पीड़ित के साथ खड़े हैं. उन्होंने कहा वे हिंदू हैं और उनका असली नाम दीपक कुमार है.
परिवार की सुरक्षा को लेकर सता रहा है डर
दीपक कुमार ने बताया कि इस घटना के बाद से उनका परिवार काफी डरा हुआ है. उन्होंने कहा कि देहरादून और आसपास के इलाकों से आए लड़कों ने उनके घर और दुकान के पास आकर काफी गाली गलौज की और माहौल खराब किया. दीपक ने बाताया कि उनके घर में उनकी मां, पत्नी और एक पांच साल की बेटी है. दीपक ने कहा कि वे खुद के लिए इतने चिंतित नहीं हैं लेकिन अपनी छोटी बच्ची और परिवार की सुरक्षा को लेकर उन्हें बहुत डर लग रहा है क्योंकि उन्हें लगातार धमकियां मिल रही हैं.
आर्थिक नुकसान और पुलिस की कार्रवाई पर सवाल
दीपक ने बताया कि वे जिम चलाते हैं और घर में कमाने वाले अकेले सदस्य हैं. इस विवाद के बाद से अब उनका जिम पिछले कई दिनों से बंद है. उन्होंने बताया कि जिम किराए की बिल्डिंग में खाेला है जिसका महीने का किराया करीब 50 हजार रुपये है. अब घटना के बाद से काम बंद होने से उन्हें भारी आर्थिक नुकसान हो रहा है. पुलिस द्वारा खुद पर दर्ज FIR को लेकर दीपक ने हैरानी जताते हुए कहा कि उन्होंने कोई गुनाह नहीं किया है. वे तो बस एक बुजुर्ग को भीड़ से बचा रहे थे. उनका कहना है कि कार्रवाई उन लोगों पर होनी चाहिए जिन्होंने माहौल खराब किया और बदतमीजी की.
शहर के लोगों से शांति बनाए रखने की अपील
दीपक कुमार ने अंत में कोटद्वार की जनता और उन पर आरोप लगाने वाले लोगों से शांति की अपील की है. उन्होंने कहा कि कोटद्वार एक छोटा और शांत शहर है. इसे नफरत की आग में नहीं झोंकना चाहिए. दीपक के अनुसार हर किसी को अपने धर्म को मानने का हक है और हमें एक दूसरे के धर्म का सम्मान करना चाहिए. उन्होंने कहा कि सबसे पहले इंसानियत जरूरी है और लोगों को मिल जुलकर रहना चाहिए ताकि शहर में फिर से वही पुराना भाईचारा लौट सके.
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