निर्दलीय प्रत्याशी पर बनाया गया नामांकन वापस लेने का दबाव? कांग्रेस ने BJP पर लगाए गंभीर आरोप, जमकर बवाल

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Indore Lok Sabha Seat: इंदौर लोकसभा सीट पर कांग्रेस प्रत्याशी अक्षय कांति बम के नामांकन वापस लेने के बाद शुरू हुआ हंंगामा पूरे दिन चला. कलेक्ट्रेट अपना सिंबल लेने पहुंचे एक निर्दलीय प्रत्याशी ने कलेक्ट्रेट में धरना दे दिया और जमकर बवाल काटा. उन्होंने प्रशासन और बीजेपी पर गंभीर आरोप लगाए.
Indore Lok Sabha Seat: इंदौर लोकसभा सीट पर कांग्रेस प्रत्याशी अक्षय कांति बम के नामांकन वापस लेने के बाद शुरू हुआ हंंगामा पूरे दिन चला. कलेक्ट्रेट अपना सिंबल लेने पहुंचे एक निर्दलीय प्रत्याशी ने कलेक्ट्रेट में धरना दे दिया और जमकर बवाल काटा. उन्होंने प्रशासन पर गंभीर आरोप लगाए, बाद में कांग्रेस ने निर्दलीय प्रत्याशी का वीडियो एक्स पर पोस्ट कर कहा कि बीजेपी लोकतंत्र का हनन कर रही है.
कांग्रेस ने आगे लिखा- "इंदौर से निर्दलीय प्रत्याशी धर्मेंद्र झाला पर नाम वापस लेने के लिए दबाव बनाया जा रहा, अधिकारी भी इस साजिश में शामिल. देश में चुनाव नहीं होने देना बीजेपी की मंशा है, देश में तानाशाही चरम पर है." धर्मेंद्र झाला ने कहा- 'नामांकन जब मैं वापस नहीं लिया तो निरस्त कैसे हुआ?"
बता दें कि नामांकन के अंतिम दिन कलेक्टर कार्यालय पर जमकर हंगामा हुआ. अंतिम दिन बचे 23 में से 9 ने नाम वापस लिए 14 उम्मीदवार मैदान में हैं. नामांकन वापसी के समय कांग्रेस और भाजपा कार्यकर्ताओं में भी जमकर झूमाझटकी हुई.
कांग्रेस उम्मीदवार अक्षय कांति बम ने नामांकन वापस लिया, लेकिन टूट गया BJP का सपना, हो गया बड़ा खेला!
कांग्रेस-बीजेपी के बीच जमकर झूमाझटकी
मध्य प्रदेश के इंदौर शहर में नाम वापसी के अंतिम दिन जैसे ही कांग्रेस उम्मीदवार अक्षय का कांति बम ने अपना नामांकन वापस लिया. उसके बाद सही जिला निर्वाचन कार्य में गामी का माहौल बना रहा. दोपहर 3:00 बजे जब बड़ी संख्या में भाजपा और कांग्रेस के कार्यकर्ता यहां आए तो उन में आपसी में झूम झटकी भी हुई.
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देवेंद्र सिंह झाला बैठ गए धरने पर
निर्दलीय प्रत्याशी देवेंद्र सिंह झाला तो कलेक्टर कार्यालय पर जाकर धरने पर ही बैठ गए उनका कहना है कि जब उन्होंने अपना नॉमिनेशन वापस नहीं लिया तो फिर उनका नाम कैसे अपने आप वापस हो गया. उधर, इंदौर कलेक्टर आशीष सिंह ने बताया कि 23 में से 9 उम्मीदवारों ने अपने नामांकन वापस कर ली है. अब इस तरह 14 उम्मीदवार शेष बचे हैं. इस तरह गुजरात के सूरत शहर की तरह इंदौर में निर्विरोध निर्वाचन नहीं हो सका अब चुनाव होगा.