CAA पर मचा था बवाल, कानून बनने के बाद नागरिकता लेने वालों की संख्या इतनी कम क्यों? समझिए
असम मुख्यमंत्री हिमंत बिस्वा सरमा ने सोमवार को संवाददाता सम्मेलन में कहा कि यह साफ हो गया है कि बंगाली हिंदू जो राष्ट्रीय नागरिक रजिस्टर (NRC) में शामिल नहीं हैं, वे नागरिकता के लिए CAA के तहत आवेदन नहीं करेंगे.
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Himanta Biswa Sarma on CAA: असम के मुख्यमंत्री हिमंत बिस्वा सरमा ने सोमवार को बेहद चौंका देने वाले आंकड़े शेयर किए हैं. उन्होंने बताया कि नागरिकता संशोधन अधिनियम (CAA) के मुताबिक राज्य में केवल 8 लोगों ने ही आवेदन अप्लाए किए हैं. 2019 में कानून में संशोधन हुआ. 2019 में इस कानून को लेकर बड़े पैमाने पर असम में 5 लोगों की मौत भी हुई. उन्होंने बताया कि कैसे सीएए विरोधी प्रदर्शन करने वाले नेताओं ने लोगों को यह कहकर डराने की कोशिश की थी कि इस कानून के तहत 50 लाख तक अवैध अप्रवासियों को नागरिकता मिल सकती है.