जातिगत जनगणना को कांग्रेस ने बनाया चुनावी मुद्दा, CWC की मीटिंग के बाद की ये घोषणा

अभिषेक गुप्ता

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Bihar News: “जिसकी जितनी आबादी उसकी उतनी हिस्सेदारी” कुछ दिनों पहले यही बोल थे कांग्रेस नेता राहुल गांधी के. तभी से ऐसा अनुमान लगाया जा रहा था कि, क्या आगामी चुनावों में पार्टी इसे मुद्दा बनाएगी? इन्हीं अटकलों पर विराम लगाते हुए कांग्रेस ने अपनी CWC की मीटिंग के बाद यह घोषणा कर दी है कि, पार्टी जिन राज्यों में सरकार में आएगी, वहां जातिगत जनगणना कराएगी. आइए समझते है इसकी क्रोनोलॉजी को.

जब से बिहार के मुख्यमंत्री नीतीश कुमार ने जातिगत जनगणना के आंकड़े जारी किए हैं, तब से इस पर सियासत तेज हो गयी है. पूरे देश में इस मुद्दे पर बात हो रही है. कांग्रेस पार्टी इसी मौके का फायदा उठाना चाहती है. पहले प्रियंका गांधी ने छत्तीसगढ़ में जातिगत जनगणना कराने की बात की और आज पार्टी ने अपनी सरकारों वाले सभी राज्यों में इसे कराने की घोषणा कर दी है.

आज ही चुनाव आयोग ने पांच राज्यों में चुनाव के तारीखों का ऐलान कर दिया है. ऐसे समय में पार्टी का ऐसा कदम निश्चित रूप से आगामी चुनावों में पिछड़ी और दलित जातियों में अपनी पैठ बनाने के लिए है. बिहार से आए आंकड़ों ने जातियों की स्थिति को स्पष्ट कर दिया है. पार्टी का मानना है कि, लगभग वही आंकड़ें अन्य प्रदेशों में भी रहने की उम्मीद है. वहीं दूसरी तरफ बीजेपी इसे लेकर पशोपेश में है, जिसका फायदा कांग्रेस को मिल सकता है. इसीलिए पार्टी इस मुद्दे को हरसंभव भुनाना चाहती है.

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