बिहार के आरक्षण वाले मामले को संविधान की 9वीं अनुसूची में शामिल करने की मांग, क्या होती है ये?

9th Schedule: वरिष्ठ पत्रकार राम बहादुर राय ने कहा कि, 9वीं अनुसूची कुल मिलाकर एक चोर दरवाजा है जो कानूनी और नैतिक रूप से सही नहीं है.

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9th Schedule: पिछले दिनों बिहार में आरक्षण को लेकर बड़ा वाकया देखने को मिला. दरअसल पिछले साल राज्य सरकार ने कानून बनाकर आरक्षण की सीमा को 50 फीसदी से बढ़ाकर 65 फीसदी तक कर दिया था. लेकिन पिछले दिनों पटना हाई कोर्ट ने इस कानून को रद्द कर दिया. कोर्ट के इस फैसले के बाद कई तरह की चर्चाएं चल रही है. उन्हीं चर्चाओं में से एक चर्चा संविधान के 9वीं अनुसूची की है. हां ये वही अनुसूची ही जिसकी बदौलत तमिलनाडु में 69 फीसदी तक का आरक्षण लागू है. अब बिहार और इसके साथ अन्य राज्यों में भी आरक्षण की सीमा को बढ़ाने और उसे बनाए रखने के लिए 9वीं अनुसूची की बात चल रही है. आइए आपको बताते हैं ऐसा क्या है 9वीं अनुसूची में जिससे राज्यों को मिल जाती है राहत.