दिव्या मदेरणा ने कई वर्षों से नहीं मनाई दीवाली, बोलीं- मेरे भाग्य में कोई उत्सव नहीं, जानें ऐसा क्यों कहा?

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Divya maderna:ओसियां से विधायक और कांग्रेस प्रत्याशी दिव्या मदेरणा (divya mderna) के चुनाव प्रचार में जबरदस्त माहौल दिख रहा है. सभा में भीड़ से ज्यादा चर्चा विधायक के भाषण को लेकर है. ऐसा ही एक भाषण फिर से चर्चा में हैं. जिसमें उन्होंने कहा कि उन्होंने पिछले 12 साल दीवाली नहीं मनाई. उन्होंने यहा तक […]

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Divya maderna:ओसियां से विधायक और कांग्रेस प्रत्याशी दिव्या मदेरणा (divya mderna) के चुनाव प्रचार में जबरदस्त माहौल दिख रहा है. सभा में भीड़ से ज्यादा चर्चा विधायक के भाषण को लेकर है. ऐसा ही एक भाषण फिर से चर्चा में हैं. जिसमें उन्होंने कहा कि उन्होंने पिछले 12 साल दीवाली नहीं मनाई. उन्होंने यहा तक कह दिया कि मुझे लगा शायद मेरे भाग्य में कोई दीवाली और कोई उत्सव नहीं है. इससे पहले भी उन्होंने कहा था कि उनके भाग्य की लकीरों में शादी नहीं, सेंट्रल जेल लिखी थी.

दिव्या मदेरणा ने सभा को संबोधित करते हुए कहा कि मैंने 2011 के बाद कोई दिवाली नहीं मनाई. जन्मदिन और होली जैसे उत्सव भी नहीं मनाते. मेरे जीवन के सभी रंग और रोशनी मेरे पिता से थे. उनके बिना हमारी दिवाली नहीं हो सकती, उनके बिना होली में कोई रंग नहीं हो सकता.

फिर से बताया पिता का किस्सा

मैंने सोचा था जब वह घर आएंगे, तब फिर से एक संपूर्ण परिवार की तरह उनके साथ दिवाली मनाएंगे, लेकिन शायद होनी को यह मंज़ूर नहीं था. वे अस्वस्थ हो गए और सिर्फ 25 दिन ही घर पर रहें. 17 अक्टूबर 2021 को वे देवलोक चले गए और 4 नवंबर को दिवाली थी. 10 साल बाद वो घर आए, लेकिन वो दिवाली तो सबसे अंधेरी रही. क्योंकि अब उनके साथ दिवाली मनाने की सारी आस भी छूट गई. तब मुझे लगा शायद मेरे भाग्य में कोई दिवाली और उत्सव नहीं है. उसके बाद मैं जीवन में कोई उत्सव नहीं मनाती.

‘एक हाथ ले लेता है तो दूसरे हाथ में देता भी है’

ओसियां विधायक ने कहा कि लेकिन भगवान एक हाथ से लेता है तो दूसरे हाथ से देता भी है. मुझे भाग्य ने आप के रूप से असीम दौलत दी है. अब आप ही मेरे जीवन की रोशनी हैं. मेरे पिता ने जो कर्तव्य मुझे सौंपा है, अब वही मेरे जीवन का संकल्प है. मैं अगर अपनी मेहनत से ओसियां और किसान वर्ग के जीवन में रोशनी और रंग भर सकूं तो मेरा जीवन सार्थक होगा. मेरी जिंदगी में एक ही ध्येय है किसान राजनीति का झण्डा हमेशा बुलंद रखना.

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