सिरोही: जंगल में जीप और बाइक से घूमते दिखे संदिग्ध, पुलिस पहुंची तो मिलीं 14 बंदूकें और बारूद

राहुल त्रिपाठी

Sirohi News: सिरोही जिले में जंगल में जीप और बाइक से घूमते दिखे संदिग्धों के बारे में पुलिस को मुखबिर से सूचना मिली. मौके पर पुलिस पहुंची तो जीप में हाथियार देख दंग रह गई. जीप में 14 एमएल बंदूकें, छर्रे और बारूद मिले. पुलिस ने ये हथियार जब्त कर लिए. अंधेरे का फायदा उठाकर […]

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Sirohi News: सिरोही जिले में जंगल में जीप और बाइक से घूमते दिखे संदिग्धों के बारे में पुलिस को मुखबिर से सूचना मिली. मौके पर पुलिस पहुंची तो जीप में हाथियार देख दंग रह गई. जीप में 14 एमएल बंदूकें, छर्रे और बारूद मिले. पुलिस ने ये हथियार जब्त कर लिए. अंधेरे का फायदा उठाकर संदिग्ध फरार हो गए. इधर पुलिस ने सघन तलाशी अभियान चलाकर 3 युवकों को हिरासत में लिया है पूछताछ कर रही है.

जानकारी के मुताबिक पुलिस को शनिवार देर रात मुखबिर से यह सूचना मिली की कालंद्री थाना इलाके के मेरमंडवाड़ा गांव के जंगलों में एक संदिग्ध जीप और 2 मोटरसाइकलों पर कुछ संदिग्धों को जाते हुए देखा गया है. सूचना मिलने पर थानाधिकारी गनी मोहम्मद जाब्ते के साथ मौके पर पहुंचे. तलाश करने पर गांव से करीब ढाई तीन किलोमीटर दूर जंगल में एक जीप और उसके पास ही बाइक खड़ी दिखाई दीं.

पुलिस टीम जब तक उस जीप तक पहुचती तो संदिग्ध युवक अंधेरे का फायदा उठाकर जंगल में फरार हो गए. थानाधिकारी मोहम्मद गनी ने बताया की वापस लौटकर जब जीप की तलाशी ली गई तो उसमें 14 एमएल क्वालिटी की बंदूकें, छर्रे और बारूद बरामद हुए. जिसे जब्त कर लिया गया है. पुलिस ने बताया की जब्ती कार्रवाई के बाद अतरिक्त जाब्ता मंगवाकर सघन तलाशी अभियान चलाया गया और तलाशी अभियान के दौरान रविवार तड़के 3 युवकों हिरासत लिया गया है. पुलिस प्रकरण दर्ज कर पूरे मामले की जांच कर रही है.

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शिकार करने आए युवक?
पुलिस को आशंका है कि ये शिकार की नीयत से यहां आए थे और जंगल में डेरा डाले हुए थे. इस जंगल में नील गाय, जंगली सूअर जैसे जानवर काफी तादात में हैं. इन्हीं के शिकार के लिए शिकारियों की यह टोली आई होगी.हालांकि अभी जांच चल रही है. फरार युवकों के पकड़े जाने के बाद ही तस्वीर साफ हो पायेगी.

ऐसे ऑपरेट होती हैं एमएल गन
एमएल गन को स्थानीय बोलचाल में टोपीदार बंदूक के नाम से भी जाना जाता है.आर्म्स एक्ट के तहत ही इन बन्दूकों के लाइसेंस जारी होते हैं. चलाने से पहले इनकी नाल में बारूद और छर्रों को भरा जाता है और उसके बाद एक कैप नाल पर लगायी जाती है.

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