राजस्थान के नेता तो नेता कलेक्टर और मेयर भी गुस्से से भड़कने लगे!

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The leaders of Rajasthan, even the leaders, collectors and mayors started getting angry!
राजस्थान में विधानसभा चुनाव जैसे जैसे नज़दीक आ रहे हैं मंत्रियो, मेयर , कलेक्टर के वीडियो वायरल हो रहे हैं। जयपुर में मंत्री मेयर की जंग के बाद अब हनुमानगढ़ में एक कलेक्टर साहिबा का वीडियो जमकर वायरल हो रहा है। जिसमें कलेक्टर रुक्मिणी रियार अधिकारियों को जमकर फटकार लगाती है। दरअसल हनुमानगढ़ जिला कलेक्टर रुक्मणी रीयार अपने गुस्सैल रवैए के लिए जानी जाती है, पहले जहां मुख्य मंत्री अशोक गहलोत के दौरे के चलते अधिकारियों को फटकार लगाते हुए का एक वीडियो वायरल हुआ था। तो वहीं अब कलेक्टर साहिबा जिला कलेक्ट्रेट में अधिकारियों पर गुस्सा करती हैा दरअसल जानकारी के अनुसार डिस्ट्रिक्ट मिनिरल फाऊंडेशन की हनुमानगढ़ के जिला कलेक्ट्रेट में बैठक होती है। जिसमें जिला कलेक्टर रूकमणि रियार ने अधिकारियों को जमकर खरी खोटी सुनाई। बैठक में जिला कलेक्टर को जानकारी मिली कि डीएमएफटी अधिकारियों ने 2 सालों से आंगनबाड़ी बनाने, स्कूल के कमरे बनाने जैसे काम किए ही नहीं और बजट होने के बावजूद 2 सालों से काम अटके पड़े हैं। जिस पर जिला कलेक्टर ने अधिकारियों से पूछा कि जब 2 सालों से उन्होंने कोई कार्य किया ही नहीं तो अब बचे 6 महीनों में वे यह कार्य कैसे पूरा कर पाएंगे। इस पर अधिकारियों का कोई जवाब नहीं आया। सरकारी काम की इस तरह बेरुखी पर जिला कलेक्टर ने अधिकारियों पर सख्त नाराजगी जताई और कई अधिकारियों को नोटिस जारी करने के निर्देश दिए। जहां गहलोत सरकार द्वारा आमजन के लिए सैकड़ों योजनाएं चला रही रखी है, इस उम्मीद से कि आमजन को इससे फायदा होगा और वह दोबारा सत्ता में आएंगे, लेकिन जिस तरह से हनुमानगढ़ जिले के अधिकारी उन योजनाओं का क्रियान्वयन सही ढंग से नहीं कर रहे हैं तो कहीं ना कहीं अशोक गहलोत को इसका खामियाजा भुगतना पड़ सकता है.. शायद यही सोचकर जिला कलेक्टर रुकमणी रियार ने अधिकारियों जमकर खरी-खोटी सुनाई। तो वहीं करौली में पंचायती राज मंत्री रमेश मीणा अधिकारियों को जमकर लताड़ लगाते हैं। (यहां वीडियो लगाए) पंचायत राज मंत्री रमेश मीणा विभाग की संचालित योजनाओं की समीक्षा करते हैं। और इसी दौरान मनरेगा श्रमिकों के बिना कारण जॉब कार्ड निरस्त करने पर मंत्री जी भड़क उठते हैं। और फटकार लगाते हुए कहते हैं की अधिकारियों को हर हाल में जून के अंत तक आधार सीडिंग का लक्ष्य पूरा करना है।
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