Chandra Grahan 2026: चंद्र ग्रहण के दौरान भूलकर भी न करें ये 8 काम, वरना जीवन पर पड़ सकता है भारी असर
न्यूज तक डेस्क
• 03:16 PM • 03 Mar 2026
Chandra Grahan Mein Kya Nahi Karein: साल 2026 का पहला चंद्र ग्रहण आज दोपहर 3:20 बजे से शाम 6:47 बजे तक रहेगा. धार्मिक मान्यताओं के अनुसार सूतक काल 9 घंटे पहले ही शुरू हो चुका है. ऐसे में ग्रहण के दौरान कुछ कामों को करना अशुभ माना गया है. जानिए किन 8 बातों का रखना है विशेष ध्यान.
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Chandra Grahan 2026: साल 2026 का पहला चंद्र ग्रहण आज दोपहर 3:20 बजे शुरू होकर शाम 6:47 बजे तक रहेगा. धार्मिक मान्यताओं के अनुसार, ग्रहण से 9 घंटे पहले ही सूतक काल लग चुका है. इस दौरान मंदिरों के कपाट बंद रहते हैं और किसी भी शुभ कार्य की मनाही होती है. तो ऐसे में आइए जानते हैं कि चंद्र ग्रहण के दौरान क्या नहीं करना चाहिए.

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चंद्र ग्रहण का सूतक काल 9 घंटे पहले ही शुरू हो गया है. ज्योतिष शास्त्र के अनुसार सूतक काल लगते ही प्रकृति में नकारात्मक ऊर्जा का संचार होने लगता है. यही कारण है कि इस पूरी अवधि में किसी भी नए काम की शुरुआत, गृह प्रवेश या मांगलिक कार्यों को नहीं किया जाता. इस समय को केवल ईष्ट देव के मानसिक ध्यान के लिए ही उत्तम माना जाता है.
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ग्रहण के दौरान चंद्रमा की दूषित किरणें वातावरण को प्रभावित करती हैं. पौराणिक मान्यताओं के अनुसार इस काल में घर के भीतर भोजन बनाना या उसे ग्रहण करना स्वास्थ्य और सौभाग्य के लिए शुभ नहीं होता. यदि भोजन पहले से बना हुआ है तो उसमें तुलसी का पत्ता डाल दें. ग्रहण समाप्ति के बाद ही रसोई की शुद्धि कर ताजा भोजन बनाए.

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चंद्र ग्रहण के दौरान खुद के सौंदर्य प्रसाधन या स्वच्छता से जुड़े कुछ काम टाल देने चाहिए. मान्यता है कि इस समय नाखून काटना, बाल काटना या दाढ़ी बनाना अशुभ होता है. माना जाता है कि ऐसा करने से व्यक्ति के जीवन पर प्रतिकूल प्रभाव पड़ सकता है और मानसिक तनाव बढ़ सकता है. ग्रहण के समाप्ति के बाद ही स्नान कर ये कार्य करना उचित रहता है.
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गर्भवती महिलाओं को ग्रहण के दौरान विशेष रूप से सतर्क रहने की सलाह दी जाती है. इस अवधि में उन्हें घर की चारदीवारी के भीतर ही रहना चाहिए और सीधे चंद्रमा की किरणों के संपर्क में आने से बचना चाहिए. ऐसी मान्यता है कि ग्रहण का प्रभाव गर्भस्थ शिशु के स्वास्थ्य पर पड़ सकता है.

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ग्रहण काल में ब्रह्मांड में नकारात्मक शक्तियां अधिक सक्रिय और प्रभावी हो जाती हैं. इसलिए शास्त्रों में कहा गया है कि ग्रहण के समय किसी भी सुनसान जगह, जंगल या श्मशान घाट के आसपास नहीं जाना चाहिए. इन स्थानों पर नकारात्मक ऊर्जा का स्तर बहुत अधिक होता है जो व्यक्ति के मन-मस्तिष्क पर हावी हो सकता है.
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चंद्र ग्रहण के समय घर में कैंची, सुई, चाकू या किसी भी प्रकार की नुकीली वस्तु का प्रयोग करने से बचना चाहिए. ऐसी वस्तुओं का उपयोग करना ज्योतिषीय दृष्टि से अशुभ फलदायी माना जाता है. विशेषकर सिलाई कढ़ाई या सब्जी काटने जैसे कार्यों को ग्रहण काल तक स्थगित कर देना चाहिए.

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ग्रहण के दौरान किसी भी प्रकार का विवाद, झगड़ा या झूठ बोलना मानसिक शांति को भंग कर सकता है. नकारात्मक विचार और क्रोध इस समय अधिक हानिकारक साबित होते हैं. इसलिए कोशिश करनी चाहिए कि कम बोले और अपने भीतर सकारात्मकता बनाए रखे. अपशब्दों के प्रयोग से बड़ा दोष लग सकता है.

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चंद्र ग्रहण के दौरान मंदिर में रखी भगवान की मूर्तियों को नहीं छूना चाहिए. सूतक काल लगते ही घर और सार्वजनिक मंदिरों के कपाट बंद कर दिए जाते हैं. मूर्तियों को स्पर्श करने से उनकी ऊर्जा प्रभावित होती है इसलिए केवल मानसिक रूप से ही भगवान को याद करें. ग्रहण समाप्ति के बाद पूरे मंदिर का गंगाजल से शुद्ध करें. इसके बाद ही पूजा अर्चना शुरू की जानी चाहिए.
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