Shani Vakri 2026: उल्टी चाल चलेंगे शनि देव, 27 जुलाई से इन 4 राशियों की बढ़ेगी मुश्किलें, जानें बचने के अचूक उपाय

न्यूज तक डेस्क

13 Jul 2026 (अपडेटेड: Jul 13 2026 11:04 AM)

27 जुलाई 2026 से शुरू हो रही शनि की वक्री चाल, जो इन चार राशि के जातकों के जीवन में आर्थिक और मानसिक चुनौतियां ला सकती है. इस कठिन अवधि के प्रभावों को कम करने के लिए हनुमान चालीसा का पाठ और शनि देव से जुड़े दान-पुण्य करना बेहद प्रभावी रहेगा.

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ज्योतिष शास्त्र में ग्रहों के गोचर और उनकी स्थिति में बदलाव को बेहद महत्वपूर्ण माना जाता है, खासकर जब बात 'न्याय के देवता' कहे जाने वाले शनि देव की हो. नवग्रहों में सबसे धीमी गति से चलने वाले शनि देव जल्द ही अपनी चाल बदलने जा रहे हैं. आगामी 27 जुलाई 2026 को शनि देव वक्री होने जा रहे हैं, जिसका सीधा मतलब है कि वह उल्टी चाल चलेंगे. शनि की यह टेढ़ी नजर और वक्री अवस्था अगले 137 दिनों तक यानी 11 दिसंबर 2026 तक बनी रहेगी, जिससे सभी राशियों के जीवन में बड़े बदलाव देखने को मिलेंगे.

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ज्योतिषीय गणनाओं के मुताबिक, जब भी शनि जैसा कोई क्रूर या मंद गति से चलने वाला ग्रह वक्री होता है, तो उसका प्रभाव और अधिक तीव्र व आक्रामक हो जाता है. वैसे तो शनि की इस उल्टी चाल का असर सभी 12 राशियों के जातकों पर देखने को मिलेगा, लेकिन 4 राशियां ऐसी हैं जिन्हें इस दौरान कदम-कदम पर फूंक-फूंक कर पैर रखने की जरूरत है. इन जातकों को आर्थिक तंगी, मानसिक तनाव और शारीरिक कष्टों का सामना करना पड़ सकता है. आइए जानते हैं कौन सी हैं वे राशियां जिन्हें इस अवधि में विशेष सावधानी बरतनी होगी.

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सबसे पहली राशि है मेष (Aries). मेष राशि के जातकों के लिए शनि की यह वक्री चाल उनके करियर और आर्थिक मोर्चे पर बड़ी उथल-पुथल मचा सकती है. नौकरीपेशा लोगों के कंधों पर अचानक काम का बोझ बहुत ज्यादा बढ़ जाएगा, जिससे मानसिक तनाव होना लाजमी है. दफ्तर में सीनियर अधिकारियों के साथ तालमेल बिगड़ सकता है, जिससे नौकरी पर भी आंच आ सकती है. इस दौरान किसी भी नए बिजनेस या प्रोजेक्ट में पैसा लगाने से बचें, वरना आपका धन फंस सकता है. साथ ही, बेवजह के वाद-विवादों से दूरी बनाकर रखें.
 

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दूसरी प्रभावित राशि है कर्क (Cancer). कर्क राशि के जातकों पर पहले से ही शनि की ढैय्या का साया चल रहा है, ऐसे में शनि का वक्री होना उनकी मुश्किलों को दोगुना कर सकता है. इस 137 दिनों की अवधि में आपके सामने अचानक कुछ ऐसे बड़े खर्चे आ सकते हैं, जो आपके पूरे बजट को हिला कर रख देंगे. पारिवारिक मोर्चे पर भी तनाव और कलह की स्थिति बन सकती है. सेहत के मामले में लापरवाही बिल्कुल न बरतें और विशेष रूप से वाहन चलाते समय पूरी सावधानी रखें, क्योंकि दुर्घटना या चोट लगने की आशंका बनी हुई है.
 

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तीसरी राशि जिसके लिए यह समय परीक्षा की घड़ी है, वह है मकर (Capricorn). मकर राशि के जातकों पर इस समय शनि की साढ़ेसाती का आखिरी चरण चल रहा है. वक्री अवस्था के दौरान शनि देव आपकी कड़ी परीक्षा ले सकते हैं. व्यापार में जिन डील्स से आपको बड़े मुनाफे की उम्मीद थी, वे ऐन वक्त पर अटक सकती हैं. पार्टनरशिप में बिजनेस करने वालों को धोखे का सामना करना पड़ सकता है. बैंक बैलेंस घटने के आसार हैं, इसलिए इस दौरान किसी को भी पैसा उधार देने की गलती न करें, अन्यथा वह पैसा डूब सकता है. अपनी वाणी और गुस्से पर पूरा नियंत्रण रखें.
 

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चौथी और आखिरी राशि है मीन (Pisces). मीन राशि वाले लोग इस समय शनि की साढ़ेसाती के सबसे कष्टदायी माने जाने वाले दूसरे चरण का सामना कर रहे हैं. शनि की उल्टी चाल इनके लिए मानसिक रूप से काफी परेशानी खड़ी करने वाली साबित होगी. आपके बनते हुए काम आखिरी पलों में बिगड़ सकते हैं, जिससे हर कार्य में देरी और बाधाएं आएंगी. इस मानसिक तनाव के कारण आपको अनिद्रा (नींद न आना) और एक अज्ञात भय सता सकता है. बेहतर होगा कि कोर्ट-कचहरी के मामलों से दूर रहें और इस समय किसी भी तरह के निवेश का जोखिम न उठाएं.
 

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अगर आपकी राशि भी इन चारों में से एक है, तो घबराने की जरूरत नहीं है. ज्योतिष शास्त्र में शनि देव के प्रकोप को शांत करने के कुछ अचूक उपाय बताए गए हैं. हर शनिवार की शाम को पीपल के पेड़ के नीचे सरसों के तेल का दीपक जलाएं और 'ॐ शं शनैश्चराय नमः' मंत्र का 108 बार जाप करें. इसके अलावा, चूंकि शनि देव हनुमान जी के भक्तों को कभी परेशान नहीं करते, इसलिए नियमित रूप से या हर मंगलवार और शनिवार को हनुमान चालीसा या बजरंग बाण का पाठ जरूर करें. शनिवार के दिन गरीबों को काले तिल, छाता, जूते या काले कपड़ों का दान करें. सबसे महत्वपूर्ण बात, शनि देव न्यायप्रिय हैं, इसलिए भूलकर भी किसी गरीब, मजदूर या असहाय व्यक्ति का अपमान न करें.

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