जमुई में छात्रा के साथ कथित बदसलूकी के मामले और मुख्य आरोपी नंदन यादव के पुलिस एनकाउंटर के बाद मुख्यमंत्री सम्राट चौधरी ने कानून-व्यवस्था को लेकर सरकार का रुख स्पष्ट किया है. पीएम सूर्य घर योजना से जुड़े एक कार्यक्रम में संबोधन के दौरान मुख्यमंत्री ने कहा कि अपराध के मामले में वह जाति और धर्म को आधार नहीं मानते. उन्होंने साफ तौर पर कहा कि अपराधी की पहचान उसके अपराध से होती है.
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'अपराधी की कोई जाति नहीं होती'- सीएम सम्राट चौधरी
मुख्यमंत्री सम्राट चौधरी ने अपने संबोधन में कहा कि सुशासन को लेकर उनकी एक चिंता रहती है. उन्होंने कहा कि वह कभी जाति और धर्म के पीछे नहीं पड़ते, लेकिन उनका मानना है कि अपराध करने वाला व्यक्ति अपराधी होता है और अपराधी की कोई जाति नहीं होती.
उनका यह बयान ऐसे समय आया है जब जमुई कांड के बाद आरोपियों की पहचान और उनके सामाजिक-जातीय बैकग्राउंड को लेकर भी राजनीतिक बहस शुरू हो गई है.
सम्राट चौधरी ने अपने बयान में इस बहस से अलग अपराध के खिलाफ पुलिस कार्रवाई को प्राथमिकता देने की बात कही.
अपराध करेगा तो पुलिस जवाब देगी- सीएम
मुख्यमंत्री ने पुलिस कार्रवाई को लेकर भी सख्त रुख जाहिर किया. उन्होंने कहा कि जब भी कोई अपराधी कानून को चुनौती देगा, बिहार पुलिस उसका जवाब देने का काम करेगी और पुलिस अपराधियों के खिलाफ कार्रवाई से पीछे नहीं हटेगी. उनके बयान का सीधा संदेश यह था कि कानून तोड़ने वालों के खिलाफ पुलिस कार्रवाई जारी रहेगी और अपराध के मामले में किसी तरह का समझौता नहीं किया जाएगा.
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जमुई मामले में क्या हुआ?
जमुई में 19 सितंबर को एक छात्रा और उसके साथी के साथ कथित बदसलूकी का वीडियो सोशल मीडिया पर सामने आया था. वीडियो के संज्ञान में आने के बाद पुलिस ने मामला दर्ज कर जांच शुरू की. पुलिस ने मामले की जांच के लिए एसआईटी का गठन किया. अधिकारियों के मुताबिक शुरुआती कार्रवाई में तीन आरोपियों को गिरफ्तार किया गया था और बाकी आरोपियों की तलाश जारी थी. मामले में पॉक्सो एक्ट के तहत भी कार्रवाई की गई.
इसके बाद मुख्य आरोपी बताए जा रहे नंदन यादव को पुलिस ने मुठभेड़ के दौरान गिरफ्तार किया. रिपोर्टों के मुताबिक पुलिस कार्रवाई के दौरान नंदन के पैर में गोली लगी और उसे इलाज के लिए अस्पताल ले जाया गया.
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एनकाउंटर के बाद बढ़ी राजनीतिक बहस
नंदन यादव के एनकाउंटर के बाद जमुई की घटना को लेकर राजनीतिक बयानबाजी और तेज हो गई है. विपक्ष की ओर से सरकार की कानून-व्यवस्था पर सवाल उठाए गए हैं. राजद नेता तेजस्वी यादव ने जमुई मामले को लेकर मुख्यमंत्री सम्राट चौधरी पर निशाना साधा और उनके इस्तीफे की मांग की.
वहीं मुख्यमंत्री सम्राट चौधरी ने अपने बयान में अपराध और पुलिस कार्रवाई को केंद्र में रखा. उन्होंने जाति आधारित बहस से इतर अपराधी के खिलाफ कार्रवाई को कानून-व्यवस्था का हिस्सा बताया.
'कानून का राज और न्याय के साथ विकास'
मुख्यमंत्री ने अपने संबोधन को बिहार में कानून के राज और विकास से भी जोड़ा. उन्होंने कहा कि कानून का राज और न्याय के साथ विकास जरूरी है. उन्होंने प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी के विकसित भारत के लक्ष्य का जिक्र करते हुए कहा कि राज्य में कानून का शासन कायम रहना विकास की प्रक्रिया का महत्वपूर्ण हिस्सा है.
जमुई कांड के बाद अब मुख्यमंत्री का यह बयान ऐसे वक्त आया है जब सरकार के सामने एक तरफ आरोपियों पर त्वरित कार्रवाई का सवाल है, तो दूसरी तरफ पुलिस कार्रवाई और कानून-व्यवस्था को लेकर विपक्ष के सवाल भी लगातार सामने आ रहे हैं.
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