युद्ध के बीच सोना-चांदी क्रैश: 37 दिनों में चांदी 50,000 तो सोना 16,000 रुपये हुआ सस्ता

न्यूज तक डेस्क

• 01:46 PM • 05 Apr 2026

मिडल ईस्ट युद्ध के 37 दिनों में सोना-चांदी की कीमतों में भारी गिरावट आई है. चांदी 50,044 रुपये प्रति किलो और सोना 16,009 रुपये प्रति 10 ग्राम तक सस्ता हुआ है.

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मिडिल ईस्ट में जंग का धुआं अभी थमा नहीं है. अमेरिका का ताजा 48 घंटे का अल्टीमेटम सामने आ चुका है, लेकिन ईरान अपनी जिद पर कायम है. ऐसे में युद्ध खत्म होने के कोई आसार नहीं दिख रहे. इस तनाव भरे माहौल में शेयर बाजार तो हिचकोले खा ही रहे हैं, लेकिन जो बात सबको हैरान कर रही है वह है - सोने और चांदी की कीमतों में भारी गिरावट. आमतौर पर युद्ध के वक्त सोना-चांदी सुरक्षित निवेश मानकर महंगे होते हैं, लेकिन इस बार उल्टा हो रहा है.
 

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37 दिनों में चांदी ₹50,000 से ज्यादा सस्ती
28 फरवरी को जब अमेरिका और इजरायल ने ईरान पर पहला हमला किया, उससे एक दिन पहले यानी 27 फरवरी को MCX (मल्टी कमोडिटी एक्सचेंज) पर चांदी का वायदा भाव ₹2,82,644 प्रति किलो था.

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बीते गुरुवार को यही चांदी गिरकर ₹2,32,600 प्रति किलो पर बंद हुई.
यानी सिर्फ 37 दिनों में चांदी ₹50,044 प्रति किलो सस्ती हो गई. अगर अपने सर्वकालिक उच्च स्तर से तुलना करें तो चांदी अब ₹2.06 लाख प्रति किलो से भी ज्यादा नीचे आ चुकी है.

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सोना भी जंग में टूटा
चांदी की तरह सोने ने भी इस युद्ध काल में निवेशकों को निराश किया. 27 फरवरी को MCX पर 24 कैरेट सोने का वायदा भाव ₹1,65,659 प्रति 10 ग्राम था. 2 अप्रैल तक आते-आते यह भाव गिरकर ₹1,49,650 प्रति 10 ग्राम पर पहुंच गया यानी ₹16,009 की गिरावट. MCX पर सोने का अब तक का सबसे ऊंचा भाव ₹2,02,984 प्रति 10 ग्राम रहा है. उस शिखर से देखें तो सोना अब ₹53,334 सस्ता मिल रहा है.

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युद्ध के बीच क्यों टूट रहे हैं भाव?
यह सवाल हर निवेशक के मन में है. इसके पीछे तीन बड़े कारण हैं:
1. कच्चे तेल की महंगाई से कैश की मांग बढ़ी
होर्मुज जलडमरूमध्य पर तनाव के कारण कच्चे तेल का भाव 110 डॉलर प्रति बैरल के करीब बना हुआ है. इससे वैश्विक महंगाई बढ़ने का डर है और लोग निवेश की जगह नकदी संभाल कर रखना चाहते हैं.

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2. डॉलर मजबूत, सोना कमजोर
युद्ध के दौरान वैश्विक निवेशक डॉलर को सुरक्षित आश्रय मान रहे हैं. डॉलर इंडेक्स 100 के पार बना हुआ है. जब डॉलर मजबूत होता है तो सोने की मांग घटती है और कीमतें दबाव में आ जाती हैं.

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3. भू-राजनीतिक तनाव से डरे निवेशक
जियो-पॉलिटिकल अनिश्चितता में निवेशक जोखिम से दूर भाग रहे हैं. मजबूत डॉलर और बढ़ती महंगाई मिलकर सोने की तेजी पर ब्रेक लगाए हुए हैं.
 

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निवेशकों के लिए जरूरी सलाह: सोना, चांदी या गोल्ड-सिल्वर ETF में पैसा लगाने से पहले अपने वित्तीय सलाहकार या बाजार विशेषज्ञ से राय जरूर लें. बाजार में उतार-चढ़ाव जारी है.

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