Gold Silver Price Update: 2025 की तरह 2026 में भी चांदी करेगी कमाल, आखिर क्यों अचानक बढ़ रहें इसके दाम?
Gold Silver Price Update: 2025 में रिकॉर्ड 160% की छलांग लगाने वाली चांदी 2026 में भी निवेशकों को चौंकाने के लिए तैयार दिख रही है. सप्लाई की भारी कमी, सोलर एनर्जी, AI, इलेक्ट्रिक व्हीकल और इंडस्ट्रियल डिमांड के चलते चांदी के दाम तेजी से बढ़ रहे हैं. जानिए आखिर क्यों एक्सपर्ट 2026 में चांदी के 100 डॉलर प्रति औंस तक पहुंचने की भविष्यवाणी कर रहे हैं.

जिस धातु को सालों तक लोग गरीब आदमी का सोना कहते रहे, उसी चांदी ने 2025 में ऐसा धमाका किया कि पूरी दुनिया के निवेशक चौंक गए. सिर्फ एक साल में 160 फीसदी की छलांग, सोने से भी तेज रफ्तार और अब बड़े-बड़े बैंक कह रहे हैं चांदी अभी रुकी नहीं है. सवाल सिर्फ ये नहीं है कि चांदी क्यों भागी, बल्कि असली सवाल ये है कि, क्या 2026 में चांदी इतिहास रचने वाली है? क्या 100 डॉलर प्रति औंस अब सिर्फ सपना नहीं रहा? सोना-चांदी के इस खास एपिसोड में समझते हैं पूरी बात
2025 में चांदी का कमाल
2025 चांदी के इतिहास का सबसे धमाकेदार साल रहा. जनवरी 2025 से दिसंबर तक चांदी 160% से ज्यादा उछली और सोना 2025 64% बढ़ा लेकिन चांदी ने सोने को भी पछाड़ दिया. यही वजह है कि दुनिया भर में चांदी को लेकर फिर से चर्चा शुरू हो गई है. चांदी की चमक के पीछे असली वजह सप्लाई का जबरदस्त संकट है. चांदी की रैली समझने के लिए सबसे पहले सप्लाई-डिमांड को समझना जरूरी है.
चांदी के भाव क्यों बढ़ें?
2024 में चांदी की कुल मांग 1.17 बिलियन औंस थी लेकिन खदानों से सप्लाई उससे करीब 500 मिलियन औंस कम थी. सीधी भाषा में समझे तो दुनिया जितनी चांदी चाहती है, धरती उतनी निकाल ही नहीं पा रही. बीते 5 साल से चांदी की मांग तेज है और सप्लाई काफी कम है. बीते 5 साल में चांदी की 820 मिलियन औंस की कमी रही, जो की कोई छोटी कमी नहीं है, ये स्ट्रक्चल डिफिसिट(structural deficit) है.
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चांदी क्यों है खास?
चांदी सिर्फ कीमती धातु नहीं है ये इंडस्ट्रियल धातु भी है और यही इसे बाकी धातुओं से अलग करता है. सोलर एनर्जी चांदी की सबसे बड़ी ताकत है, ये दुनिया की सबसे बेहतरीन कंडक्टिविटी रखती है. इसीलिए हर सोलर पैनल में चांदी जरूरी है. आंकड़ों की बात करें तो 2013 से अब तक सोलर क्षमता 10 गुना से ज्यादा बढ़ी है और चांदी की मांग सोलर सेक्टर में करीब 4 गुना बढ़ी है. IEA का अनुमान 2030 तक सोलर क्षमता 3,200 से 4,400 गीगावॉट बढ़ेगी.
AI और चांदी
सिल्वर इंस्टीट्यूट(Silver Institute) का अनुमान है कि अगले 5 साल में ऑटो सेक्टर में चांदी की मांग 3.4% की दर से बढ़ेगी. वहीं AI सिर्फ सॉफ्टवेयर नहीं है, इसके पीछे भारी हार्डवेयर है. AI सर्वर और स्विच में भी चांदी इस्तेमाल होती है क्योंकि इसमें हाई-पावर कैपेसिटर (MLCCs), हाई-स्पीड डेटा ट्रांसमिशन, सर्किट बोर्ड और बॉन्डिंग वायर पावर होती है. इसका सीधा मतलब है कि जितना ज्यादा AI, उतनी ज्यादा चांदी की खपत.
अमेरिका ने चांदी को अब Critical Mineral की कैटेगिरी में डाल दिया है. इसका मतलब है चांदी अब सिर्फ निवेश की चीज नहीं ये रणनीतिक संसाधन बन चुकी है जैसे की rare earths और battery metals है. ये संकेत है कि सरकारें भी मान रही हैं कि चांदी भविष्य की टेक्नोलॉजी की रीढ़ है.
2026 में कहां तक जाएगी चांदी?
Frank Holmes का मानना है कि भाव $100 के पार जा सकता है, BNP Paribas भी कुछ ऐसा ही कह रहा है और Michael Oliver तो भाव 100 डॉलर से 150 डॉलर तक पहुंचने का अनुमान लगा रहे हैं. चाहे जो भी हो लेकिन एक बात साफ है चांदी अब सस्ती धातु नहीं रही, आगे भी चमक बरकरार रहने की भविष्यवाणी हो रही हैं.
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