कैलाश विजयवर्गीय ने कहा, 'औकात में रहें नेता प्रतिपक्ष' तो उमंग सिंघार ने किया पलटवार, अडानी ग्रुप के साथ समझौते पर गरमाई राजनीति

MP Assembly controversy: मध्य प्रदेश विधानसभा के बजट सत्र में संसदीय कार्य मंत्री कैलाश विजयवर्गीय और नेता प्रतिपक्ष उमंग सिंघार के बीच तीखी नोकझोंक देखने को मिली. अडानी ग्रुप के साथ बिजली खरीद समझौते को लेकर शुरू हुई बहस औकात टिप्पणी तक पहुंच गई. हंगामे के बाद मुख्यमंत्री मोहन यादव ने सदन में माफी मांगकर स्थिति संभालने की कोशिश की, लेकिन मामला अब भी सियासी चर्चा में बना हुआ है.

Madhya Pradesh budget session clash
कैलाश विजयवर्गीय और नेता प्रतिपक्ष उमंग सिंघार के बीच जुबानी जंग
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मध्य प्रदेश विधानसभा में बजट सत्र चल रहा है और इसी दौरान एक विवाद खड़ा हो गया है. गुरुवार को सदन में उस वक्त गरमा-गर्मी का माहौल देखने को मिला जब संसदीय कार्य मंत्री कैलाश विजयवर्गीय और नेता प्रतिपक्ष उमंग सिंघार के बीच अडानी ग्रुप के साथ हुए समझौते पर बहस हो गई. इस दौरान कैलाश विजयवर्गीय ने असंसदीय भाषा का उपयोग करते हुए सिंघार को औकात में रहने की बात कह दी. हालांकि मामले में सीएम मोहन यादव ने मोर्चा संभाला लेकिन सदन से बाहर निकलते हुए कैलाश विजयवर्गीय के तेवर में कोई बदलाव नहीं दिखा. वहीं इस मामले में सिंघार भी पीछे नहीं रहे और उन्होंने एक पोस्ट के माध्यम से कहा है कि 'मैं अपनी औकात में हूं.' आइए विस्तार से जानते है मामले की पूरी कहानी.

भड़क गए कैलाश विजयवर्गीय 

दरअसल गुरुवार को सदन की कार्यवाही के दौरान नेता प्रतिपक्ष उमंग सिंघार ने सिंगरौली में बिजली खरीद को लेकर सरकार और अडानी ग्रुप के बीच हुए समझौते पर सवाल उठाए. सिंघार ने दावा किया कि सरकार बिजली खरीदने के नाम पर अगले 25 साल में 1.25 लाख करोड़ रुपए देने की तैयारी कर रही है. इस पर सत्ता पक्ष ने सबूत पेश करने की बात कही. पलटवार करते हुए सिंघार ने कहा कि जरूरत पड़ी तो वह सबूत भी देंगे और धीरे-धीरे यह बहस तू-तू-मैं-मैं में बदल गई. फिर कैलाश विजयवर्गीय ने अपना आपा खो दिया और कहा कि, नेता प्रतिपक्ष अपने औकात में रहें. 

सीएम ने संभाला मामला

कैलाश विजयवर्गीय की टिप्पणी के बाद सदन में हंगामा शुरू हो गया और विपक्ष उनके इस्तीफे की मांग करने लगी. हंगामे को देखते हुए सदन को कुछ देर के लिए स्थगित कर दिया गया. जब सदन की कार्यवाही फिर से शुरू हुई तो स्पीकर नरेंद्र सिंह तोमर ने खेद जताया. फिर मुख्यमंत्री मोहन यादव ने मोर्चा संभाला और सदन में जाने-अनजाने में हुई गलती के लिए माफी भी मांगी.

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नहीं बदले कैलाश विजयवर्गीय के तेवर

भले ही सीएम ने डैमेज कंट्रोल करने की कोशिश की, लेकिन कैलाश विजयवर्गीय के तेवर में कोई बदलाव नहीं देखा गया. सदन के बाहर उन्होंने मीडिया कर्मी से बातचीत करते हुए कहा कि, कई बार हो जाता है यार, बहुत सामान्य सी बात है. कभी-कभी गुस्सा आ जाता है यार. जब उनसे मुख्यमंत्री के माफी मांगने पर पूछा गया तो उन्होंने अपने अंदाज में कहा कि, 'मुख्यमंत्री कप्तान हैं, उन्होंने यदि माफी मांग ली तो क्या हो गया यार'. उनके इस बयानों से साफ झलकता है कि उन्हें अपनी बोली गई बातों का कोई पछतावा नहीं है.

नेता प्रतिपक्ष सिंघार का पलटवार

वहीं इस मामले में नेता प्रतिपक्ष उमंग सिंघार ने पलटवार करते हुए कहा कि, कैलाश विजयवर्गीय उम्र दराज है और उन्हें पहलवानी नहीं करनी चाहिए. मैं किसी प्रमाण के बिना बात नहीं करता हूं. उन्होंने आगे तंज कसते हुए कहा कि, अडानी की बात हो रही थी तो मिर्ची क्यों लग रही है? वरिष्ठ मंत्री जब इस प्रकार की भाषा का उपयोग करेंगे तो आप समझ सकते हैं कि उनकी मानसिक स्थिति क्या है. इसके अलावा उन्होंने सोशल मीडिया प्लेटफॉर्म X पर पोस्ट करते हुए कैलाश विजयवर्गीय पर कई सवाल उठाए और साथ ही लिखा कि, 'मैं अपनी औकात में हूं.' फिलहाल यह मामला राज्य की राजनीति में चर्चा का विषय बना हुआ है.

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