Charchit Chehra: 'अकेले हैं, कोई दोस्त नहीं है'...राजपाल यादव का छलका दर्द, जानें दर्जी से सुपरस्टार बनने और फिर तिहाड़ पहुंचने की कहानी
Rajpal Yadav Loan Case: कभी कॉमेडी से दर्शकों को हंसाने वाले अभिनेता राजपाल यादव इन दिनों निजी संकट को लेकर चर्चा में हैं. कर्ज और पुराने केस से जुड़ी कानूनी प्रक्रिया के चलते तिहाड़ जेल में सरेंडर की खबर ने फैंस को चौंका दिया. इस बीच इंडस्ट्री से समर्थन की आवाजें भी सामने आ रही हैं.

Rajpal Yadav Case: बॉलीवुड में यूं तो अक्सर कोई न कोई चर्चा में रहता है लेकिन बीते कुछ दिनों से एक्टर राजपाल यादव का नाम चर्चा में बना हुआ है, उनकी मजबूरी के चलते...मजबूरी भी ऐसी की दिल्ली की तिहाड़ जेल में बंद हैं, एकदम लाचार होकर... ये खबर अब तक आप पढ़ चुके होंगे की राजपाल यादव ने दिल्ली की तिहाड़ जेल में सरेंडर कर दिया और जिन्हें नहीं पता ये खबर उन्हीं के लिए...क्योंकि इस मामले में उनसे जुड़ी जो नई बात अब सामने आ रही है वो किसी को भी सोचने पर मजबूर कर दे कि आखिर कि इतने अच्छे एक्टर के हालात ऐसे-कैसे हो गए, जो कभी सिल्वर स्क्रीन पर लोगों को हंसाते थे आज खुद असल जिंदगी में रो रहा है और इतना सब अकेले झेल रहा है.. क्या है पूरा मामला, क्यों 26 साल पुराने मामले में राजपाल यादव पहुंचे तिहाड़ जेल, कैसे 3 दशक के लंबे करियर के बाद लगा झटका, कैसे टेलरिंग करते-करते बने एक्टर, कैसे पहले रामगोपाल वर्मा और सोनू सूद बन रहे राजपाल के लिए उम्मीद की नई किरण... बताएंगे सब चर्चित चेहरा के इस एपिसोड में तो बने रहें वीडियो के आखिर तक...
"यहां सब अकेले हैं" एक्टर का छलका दर्द
हिंदी सिनेमा में कुछ ऐसे हीरे हैं, जिन्होंने अपनी चमक से न सिर्फ फिल्मी पर्दे को रोशन किया है, बल्कि लोगों के दिलों में भी जगह बनाई है और ऐसा ही एक हीरा राजपाल यादव हैं और ये कहना गलत नहीं होगा... भूल भूलैया और चुपके-चुपके में उनकी एक्टिंग को कौन भूल सकता हैं... अपनी कॉमिडी किरदारों के जरिए लोगों को हंसाने वाले राजपाल यादव ने 90 के दशक में अपने ऐक्टिंग करियर की शुरुआत की थी.. लगभह 3 दशक के लंबे करियर में राजपाल यादव ने खूब उतार-चढ़ाव भी देखे... लेकिन ये दौर जो अब उनकी जीवन में चल रहा है ये तो उन्होंने सपने में भी नहीं सोचा होगा.. एक्टर राजपाल यादव ने दिल्ली की तिहाड़ जेल में पिछले हफ्ते सरेंडर किया था, ये खबर तो आपने पढ़ ही ली होगी, लेकिन सरेंडर करने से पहले पुलिस वालों के सामने राजपाल यादव ने जो बयान दिया, चर्चा उसकी अब जबरदस्त हो रही है... उनके बयान ने एक बार फिर फिल्म इंडस्ट्री के रिश्तों पर सवाल खड़े कर दिए हैं और फैंस को इमोशनल कर दिया है... रिपोर्ट्स के मुताबिक, अपने हालात पर बात करते हुए वो रो पड़े और बोले, सर, क्या करूं? मेरे पास पैसे नहीं हैं और कोई उपाय भी नहीं दिख रहा... सर, यहां हम सब अकेले हैं, कोई दोस्त नहीं है... मुझे इस मुश्किल से अकेले ही निपटना होगा...
क्या है 5 करोड़ का कर्ज और 26 साल पुराना मामला?
जिन्हें नहीं पता उन्हें बता दें कि ये मामला साल 2010 का है, जब राजपाल यादव ने अपनी डायरेक्टोरियल फिल्म ‘अता पता लापता’ को फाइनेंस करने के लिए मुरली प्रोजेक्ट्स प्राइवेट लिमिटेड से 5 करोड़ रुपये उधार लिए थे... फिल्म बॉक्स ऑफिस पर फ्लॉप हो गई और राजपाल की जेब टाइट... इतना ही नहीं, बैंक में पैसे न होने की वजह से उनका दिया हुआ चेक भी बाउंस हो गया.. अप्रैल 2018 में, एक मजिस्ट्रेट कोर्ट ने राजपाल यादव और उनकी पत्नी को नेगोशिएबल इंस्ट्रूमेंट्स एक्ट, 1881 की धारा 138 के तहत दोषी ठहराया और उन्हें छह महीने जेल की सजा सुनाई थी.. राजपाल यादव ने इस फैसले को चुनौती दी और कई अपील के जरिए राहत मांगी... उन्हें राहत तो मिल गई, लेकिन इस दौरान उनकी बकाया रकम कथित तौर पर 5 करोड़ से बढ़कर लगभग 9 करोड़ हो गई... समय के साथ राजपाल यादव ने बकाया रकम का कुछ हिस्सा चुका दिया...
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मुश्किल घड़ी में सामने आए सोनू सूद
हालांकि, बार-बार देरी और कोर्ट की तय डेडलाइन को पूरा न कर पाने की वजह से कोर्ट ने उनके इरादों पर सवाल उठाए... राजपाल यादव के राहत मांगने पर कोर्ट ने कहा कि किसी व्यक्ति की पब्लिक प्रोफाइल चाहे जो भी हो, बार-बार नरमी नहीं बढ़ाई जा सकती और फिर कोर्ट ने एक्टर को बिना किसी और देरी के सरेंडर करने का निर्देश दिए.. जिसके बाद कोर्ट के आदेश का पालन करते हुए राजपाल यादव ने तिहाड़ जेल में सरेंडर कर दिया... ये खबर अब जब वयारल हुई तो इंडस्ट्री में सबसे पहले सोनू सूद सोनू सूद उनके सपोर्ट में आए हैं.. राजपाल को गिफ्टेड एक्टर कहते हुए उन्होंने ये वादा किया कि वो अपनी आने वाली फिल्म में राजपाल यादव को कास्ट करेंगे और उसके बदले अभी ही उन्हें साइनिंग अमाउंट देंगे... इतना ही नहीं उन्होंने इंडस्ट्री के दूसरे प्रोड्यूसर्स से भी रिक्वेस्ट की है कि वो भी इस मुश्किल वक्त में राजपाल यादव के साथ खड़े रहें...
दर्जी से सुपरस्टार बनने तक की कहानी
16 मार्च 1971 को उत्तर प्रदेश के शाहजहांपुर में एक किसान परिवार में जन्मे राजपाल यादव को शायद ये अंदाजा भी नहीं होगा कि फर्श से अर्श तक पहुंचने के बाद वापस फर्श पर इस कदर आ जाएंगे... स्ट्रगल तो बचपन में भी बहुत था क्योंकि उस वक्त भी घर की माली हालत ठीक नहीं थी... बचपन में उनका घर कच्चा था और गांव में पक्के मकान भी नहीं थे.. हालात मुश्किल थे, लेकिन उनके पिता ने उन्हें कभी कमी महसूस नहीं होने दी और गांव से दूर एक अच्छे स्कूल में पढ़ाया... स्कूल की पढ़ाई पूरी करने के बाद घर की ज़िम्मेदारियों के कारण राजपाल यादव ने ऑर्डनेंस क्लॉथ फैक्ट्री में टेलरिंग का अप्रेंटिस कोर्स किया और काम शुरू किया.. हालांकि उनका मन इस काम में नहीं लगा, क्योंकि बचपन से ही वो एक्टर बनना चाहते थे.. इसी इच्छा के चलते उन्होंने नौकरी छोड़ दी और थिएटर की राह पकड़ ली... राजपाल यादव ने पहले लखनऊ की भारतेंदु नाट्य अकादमी से थिएटर की ट्रेनिंग ली और फिर दिल्ली के नेशनल स्कूल ऑफ ड्रामा में पढ़ाई की, यहीं से उनकी एक्टिंग को सही दिशा मिली...
छोटे रोल से बनाई बड़ी पहचान
1997 में वह मुंबई आए, जहां उनकी असली स्ट्रगल शुरू हुआ.. कहते हैं राजपाल रोज अलग-अलग प्रोडक्शन हाउस और डायरेक्टर्स के ऑफिस के चक्कर लगाते थे... कई बार उनके पास ऑटो या बस का किराया तक नहीं होता था और उन्हें जुहू, लोखंडवाला या बांद्रा तक पैदल जाना पड़ता था... हाथ में अपनी फोटो लेकर वह काम मांगते फिरते थे.. राजपाल यादव ने अपने करियर की शुरुआत दूरदर्शन और टीवी सीरियलों में छोटे रोल से की... बड़ा मौका उन्हें रामगोपाल वर्मा की फिल्म शूल में मिला, जहां उन्होंने सिर्फ तीन लाइनों के छोटे से रोल में सबका ध्यान खींच लिया... इसके बाद रामगोपाल वर्मा की फिल्म जंगल में निभाए गए सिप्पा के किरदार ने उनकी पहचान बना दी और उन्हें बेस्ट नेगेटिव रोल का अवॉर्ड भी मिला... इसके बाद राजपाल यादव ने कंपनी, हंगामा, मुझसे शादी करोगी, फिर हेराफेरी, चुप चुपके और भूल भुलैया जैसी कई फिल्मों में काम किया और अपनी कॉमेडी से लोगों के दिलों में जगह बनाई..










