Chhattisgarh Exit Poll 2023 Results: छत्तीसगढ़ में करीबी मुकाबला क्यों? 8 पॉइंट्स में समझिए
छत्तीसगढ़ चुनाव के बाद अब बारी है एग्जिट पोल की. अपने सटीक एग्जिट के लिए मशहूर Axis my India ने इंडिया टुडे ग्रुप के साथ मिलकर किए गए एग्जिट पोल के नतीजे जारी कर दिए हैं. इसके मुताबिक 90 विधानसभा सीटों वाले छत्तीसगढ़ में वैसे तो मामला करीबी है, लेकिन कांग्रेस को बढ़त है.

Chhattisgarh Exit Poll 2023: छत्तीसगढ़ चुनाव के बाद अब बारी है एग्जिट पोल की. अपने सटीक एग्जिट के लिए मशहूर Axis my India ने इंडिया टुडे ग्रुप के साथ मिलकर किए गए एग्जिट पोल के नतीजे जारी कर दिए हैं. इसके मुताबिक 90 विधानसभा सीटों वाले छत्तीसगढ़ में वैसे तो मामला करीबी है, लेकिन कांग्रेस को बढ़त है. इस एग्जिट पोल के मुताबिक कांग्रेस को 40 से 50 सीटें मिलने का अनुमान है. भारतीय जनता पार्टी (बीजेपी) के खाते में 36 से 46 सीटें जाती दिख रही हैं. अन्य को 1 से 5 सीटें मिलने का अनुमान हैं. छत्तीसगढ़ में बहुमत का आंकड़ा 46 सीटों का है.

इस एग्जिट पोल की 8 बड़ी बातें
1. इंडिया टुडे-एक्सिस माई इंडिया के एग्जिट पोल के मुताबिक मुख्यमंत्री भूपेश बघेल की सरकार के खिलाफ एंटी इन्कम्बेंसी यानी सरकार विरोधी लहर नहीं दिखाई दी. इसके बावजूद बीजेपी ने वोटिंग से एक महीने पहले तक खुद को काफी मजबूत किया. यही वजह है कि कांग्रेस के खाते में मामूली बढ़त आई है.
2- बीजेपी के मैनिफेस्टो यानी चुनावी घोषणापत्र के कुछ वादों ने महिलाओं और किसानों के बीच काफी असर किया. इसमें शादीशुदा महिलाओं को हर साल 12000 रुपये देने, गरीबों को 500 रुपये में LPG सिलेंडर और भूमिहीन कृषि मजदूरों को 10 हजार रुपये देने के वादे प्रमुख रहे.
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3- बीजेपी महिलाओं, शहरी, अन्य पिछड़ा वर्ग, सामान्य वर्ग और युवा (18-35 साल) वोटर्स में बढ़त बनाने में कामयाब नजर आ रही है.
4- कांग्रेस पुरुष,ग्रामीण, अनुसूचित जाति (SC), अनुसूचित जनजाति (ST) और मुस्लिम वोटर्स में आगे नजर आ रही है.
5-
2018 के चुनावों में बीजेपी 90 सीटों में से सिर्फ 15 सीटों पर 10 फीसदी से अधिक वोट शेयर मार्जिन से जीत हासिल कर पाई. ऐसा इसलिए हुआ क्योंकि SC, ST, OBC और सामान्य वर्ग के वोटर्स कांग्रेस के फेवर में आए. इस बार बीजेपी OBC वोटर्स खासकर साहू (जनसंख्या 14 फीसदी) वोटर्स और सामान्य वर्ग के वोटर्स को अपनी ओर खींचने में कामयाब होती नजर आ रही है.
6- बीजेपी बस्तर रीजन में बढ़त बनाते नजर आ रही है, जबकि यह परंपरागत रूप से कांग्रेस का गढ़ समझा जाता रहा है.
7- बहुजन समाज पार्टी (BSP) ने इस बार गोंडवाना गणतंत्र पार्टी (GGP) के साथ गठबंधन किया. यह असरदार नहीं दिख रहा है. पिछली बार BSP दिवंगत अजीत जोगी की पार्टी JCC (जनता कांग्रेस छत्तीसगढ़) के साथ गठबंधन में थी.
8- इस बार मामला बेहद करीबी रहा है. ऐसे में BSP, GGP, CPI जैसे दल के या निर्दलीय कैंडिडेट जीतते हैं, तो त्रिशंकु विधानसभा की स्थिति में ये काफी अहम साबित हो सकते हैं.










