9 सालों में देश के 24.8 करोड़ से अधिक लोग बहुआयामी गरीबी से बाहर निकले, क्या है इसका मायने?
नीति आयोग के अनुसार, बहुआयामी गरीबी स्वास्थ्य, शिक्षा और जीवन स्तर के तीन समान रूप से स्थान रखने वाले आयामों को एक पटल पर रखकर उनमे व्याप्त अभाव को मापती है
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Poverty
Multidimensional Poverty: केंद्र सरकार की थिंक टैंक नीति आयोग ने सोमवार यानी 15 जनवरी को देश में बहुआयामी गरीबी को लेकर एक रिपोर्ट जारी किया है. रिपोर्ट में साल 2013-14 से 2022-23 के बीच भारत में बहुआयामी गरीबी के आंकड़ों में बहुत सुधार नजर आ रहा है. आइए आपको बताते हैं इस रिपोर्ट के क्या है मायने.