लोकसभा चुनाव में कितनी सीटें जीतेगी कांग्रेस और BJP के 370 सीटों के दावे में कितना दम? यशवंत देशमुख से समझिए

अभिषेक गुप्ता

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Lok Sabha Election: लोकसभा चुनाव से पहले ओपिनियन पोल का शोर चल रहा है. हालांकि ओपिनियन पोल के आंकड़े अलग-अलग आ रहे है लेकिन उसमे सबसे दिलचस्प बात ये है कि, कांग्रेस पार्टी को कोई  72 सीटें तो वहीं कोई 37 सीटें जीतते दिखा रहा है. वहीं कोई ये कह रहा है कि, इस बार कांग्रेस का प्रदर्शन उसके इतिहास का सबसे खराब प्रदर्शन होगा. इन्हीं सब बातों के बीच सर्वे के इन आंकड़ों में कांग्रेस को मिल रही सीटों पर चर्चा लगातार बनी हुई है. इस हफ्ते की साप्ताहिक सभा में C- Voter के प्रमुख यशवंत देशमुख और TAK चैनल के मैनेजिंग एडिटर मिलिंद खांडेकर इसी बात पर चर्चा कर रहे है कि, आखिर कांग्रेस को कितनी सीटें मिल सकती है, वहीं बीजेपी-NDA के 400 पार के दावे की क्या है वास्तविक स्थिति. 

हालिया ओपिनियन पोल में कांग्रेस की स्थिति उसके पिछले प्रदर्शन से भी खराब होती दिख रही है?

यशवंत देशमुख इस सवाल का जवाब देते हुए कहते हैं, कांग्रेस की स्थिति पिछले दो आम चुनाव में खराब ही रही है. लेकिन वर्तमान में प्रमुख सवाल ये है कि, क्या इस बार के चुनाव में पार्टी की स्थिति उससे भी ज्यादा खराब होने वाली है या पहले से बेहतर होगी. वो कहते है कि, सर्वे एजेंसी के तर्ज पर अगर बात करें तो हमारा प्रोसेस ये होता है कि, अगर देश में आज चुनाव हुए तो क्या होगा. मुझे अभी तक स्थिति ये समझ आ रही है कि, आज चुनाव होने पर कांग्रेस पार्टी की स्थित उसके पिछले चुनाव के प्रदर्शनों से बदतर स्थिति में नहीं है. ऐसा नहीं है कि कांग्रेस 25 या 30 सीटें ही जीतने जा रही है. 

40 से ज्यादा सीटें आएंगी कांग्रेस को!

यशवंत देशमुख कहते हैं कि, कांग्रेस को मिलने वाली सीटों को हमें इसे इस प्रकार समझना होगा. कांग्रेस ने पिछली बार जो 52 सीटें जीती थी उनमें से 40 सीटें ऐसी है जिनपर बीजेपी है ही नहीं, यानी बीजेपी का उन सीटों पर अस्तित्व ही नहीं है.  जैसे तमिलनाडु, केरल और तेलंगाना की सीटें. यशवंत देशमुख आगे कहते हैं कि, अगर 52 में से बाकी बची 12 सीटें अगर बीजेपी जीत भी लेती है फिर भी कांग्रेस उन 40 सीटों पर आगे रहेगी क्योंकि बीजेपी वहां है ही नहीं. दूसरी बात ये ऐसा भी नहीं हैं कि, कांग्रेस की सीटें बढ़ने की संभावना नहीं है क्योंकि कर्नाटक, तेलंगाना में कांग्रेस की ही सरकार है जहां उसकी सीधी फाइट बीजेपी से होगी, तो ऐसा नहीं है कि वो पहले से ही हार मान लेंगे, वो लड़ेंगे और अगर कही भी जीतने में कामयाब होते है तो वो कांग्रेस की सीटें ही बढ़ाएंगे.  देशमुख आगे कहते हैं कि, देश में आज का जो चुनावी गणित है उसमें कांग्रेस पिछले चुनाव से बेहतर स्थिति में ही है. 

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NDA के दावे 400 पार की क्या है स्थिति

मिलिंद खांडेकर इस सवाल का जवाब देते हुए कहते हैं, मुझे लगता हैं कि, पोस्ट इलेक्शन यानी चुनाव हो जाने के बाद 400 पार जाने में कोई अड़चन नहीं है, लेकिन पीएम मोदी और बीजेपी दोनों यही चाहते है कि, इस चुनाव में ही 400 पार सीटें लायी जाए और इसके लिए वो काम भी कर रहे है. जैसा हमने देखा हाल के दिनों में कई प्रमुख दल जैसे बिहार में नीतीश कुमार की जनता दल यूनाइटेड, अभी आंध्र प्रदेश और ओडिशा से भी ये खबर है कि, तेलगु देशम पार्टी और बीजू जनता दल ये दोनों पार्टियां बीजेपी के साथ अलायंस करने जा रही है. तो कुल मिलाकर इससे बीजेपी का NDA गठबंधन मजबूत ही होगा और निश्चित तौर पर उसकी सीटें बढ़ेंगी. लेकिन इसके बाद भी NDA का 400 सीटों तक पहुंचना बहुत मुश्किल है. हालांकि बीजेपी इसकी जुगत में लगी हुई है. 

यहां देखिए पूरा वीडियो- 

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