क्या इजराइल के लिए जासूसी करने पर कतर में 8 पूर्व नौसैनिकों मिली मौत की सजा?

अभिषेक गुप्ता

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Qatar, Indian Navy News
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अरब देश कतर की एक अदालत ने भारतीय नौसेना के पूर्व अधिकारियों को मौत की सजा सुनाई है. ये सभी कतर की निजी सुरक्षा  कंपनी दहरा ग्लोबल में काम करते थे. इन्हें सितंबर 2022 में जासूसी के आरोप में गिरफ्तार किया गया था. भारत ने फैसले पर हैरानी जताते हुए पूर्व नौसैनिकों को हर मुमकिन मदद मुहैया करवाने का आश्वासन दिया है.

आरोपों पर पर्दा?

हालांकि कतर प्रशासन ने आरोप सार्वजनिक नहीं किए हैं लेकिन न्यूज वेबसाइट अल-जजीरा के मुताबिकपूर्व नौसैनिकों ने कथित तौर पर कतर के पनडुब्बी खरीद से जुड़े एक खुफिया कार्यक्रम की जानकारी  इज़राइल को दी थी. 31 मई2023 को बंद होने से पहले दहरा ग्लोबल कंपनी कतर नौसेना को प्रशिक्षण और लॉजिस्टिक मुहैया कराती थी.

भारत ने जताई आपत्ति

भारतीय विदेश मंत्रालय ने बयान जारी कर कहा कि, ‘कतर की अदालत ने अल-दहरा कंपनी के आठ भारतीय कर्मचारियों से जुड़े मामले में फैसला सुनाया है. मौत की सजा के फैसले से हम हैरान हैं. फैसले के विस्तृत ब्यौरे का इंतजार कर रहे हैं. हम उनके परिवार और कानूनी टीम के संपर्क में हैं. नागरिकों की रिहाई के लिए सभी कानूनी विकल्पों की तलाश की जा रही है. जेल में बंद भारतीय नागरिकों को कॉन्सुलर एक्सेस और कानूनी सहायता दी जाती रहेगी.

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क्या हैं कानूनी विकल्प?

सीनियर एडवोकेट आनंद ग्रोवर के मुताबिक मामले में अपना पक्ष रखने के लिए भारत के पास कई रास्ते हैं-

 कतर की ऊपरी अदालत में अपील की जाए.

 अंतरराष्ट्रीय न्यायालय या संयुक्त राष्ट्र में भी मामला उठाया जा सकता है.

 भारत राजनयिक स्तर पर भी दवाब बना सकता है.

 गैर सरकारी संगठन और सिविल सोसायटी भी इस मामले को वैश्विक स्तर पर उठा सकते हैं.

कतर में किन आरोपों पर है सजा-ए-मौत का प्रावधान

जासूसीराष्ट्रीय सुरक्षाधर्मत्यागसमलैंगिक संभोग और ईशनिंदा (धार्मिक प्रतीकों का अपमान करना) पर मौत की सजा का प्रावधान है.

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