श्रमिकों के बिल भुगतान के बदले 36 हजार की रिश्वत मांग रहा था इंजीनियर, ACB ने ऐसे किया रंगे हाथों अरेस्ट
Rajasthan Crime News: राजस्थान के बाड़मेर में एक बार फिर एसीबी ने बड़ी कार्रवाई को अंजाम दिया है. जोधपुर एसीबी की स्पेशल यूनिट की टीम ने गिरल लिग्नाइट पॉवर लिमिटेड के डिप्टी चीफ इंजीनियर को 35 हजार की रिश्वत लेते रंगे हाथों गिरफ्तार कर लिया. आरोपी ने यह रिश्वत राशि श्रमिकों के बिल भुगतान और […]
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Rajasthan Crime News: राजस्थान के बाड़मेर में एक बार फिर एसीबी ने बड़ी कार्रवाई को अंजाम दिया है. जोधपुर एसीबी की स्पेशल यूनिट की टीम ने गिरल लिग्नाइट पॉवर लिमिटेड के डिप्टी चीफ इंजीनियर को 35 हजार की रिश्वत लेते रंगे हाथों गिरफ्तार कर लिया. आरोपी ने यह रिश्वत राशि श्रमिकों के बिल भुगतान और अमानत राशि लौटाने के बदले में मांगी थी. एसीबी की टीम अब जोधपुर स्थित आरोपी इंजीनियर के आवास और अन्य ठिकानों पर भी दबिश दे रही है.
जानकारी के मुताबिक, जोधपुर एसीबी की स्पेशल यूनिट को गोपनीय शिकायत मिली थी कि गिरल लिग्नाइट पॉवर लिमिटेड का डिप्टी प्रोजेक्ट इंजीनियर अशोक पारख श्रमिकों के बिलों के भुगतान, बिल बनाने और अमानत राशि लौटाने के एवज में 36 हजार रुपये की डिमांड कर रहा है.
शिकायत पर एसीबी के अतिरिक्त महानिदेशक हेमंत प्रियदर्शी के निर्देशन में जोधपुर एसीबी इकाई के एएसपी दुर्गसिंह राजपुरोहित के नेतृत्व में शिकायत का सत्यापन करवाया गया. इसके बाद मंगलवार रात करीब 9 बजे एसीबी की टीम ने सीआई राजेंद्रसिंह चारण के नेतृत्व में डिप्टी इंजीनियर को उसके सरकारी आवास से 35 हजार रुपए की रिश्वत राशि के साथ गिरफ्तार कर लिया.
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जोधपुर एसीबी के सीआई राजेंद्रसिंह चारण ने बताया कि गोपनीय शिकायत का पहले टीम ने सत्यापन करवाया. परिवादी के हाथों डिप्टी इंजीनियर को 35 हजार रुपए दिलवाए गए और फिर टीम ने उसे रंगे हाथों गिरफ्तार कर लिया. टीम ने आरोपी के लैपटॉप, दस्तावेज भी जब्त किए हैं. आरोपी को बुधवार को जोधपुर एसीबी कोर्ट में पेश करने के बाद आगे की कार्रवाई की जाएगी.
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