MLA बलजीत के ‘भेड़िए’ वाले बयान पर सांसद बालकनाथ ने कहा- सिर्फ गंदगी ही सीखी है और क्या उम्मीद करें

विशाल शर्मा

Rajasthan News: राजस्थान में इस साल विधानसभा चुनाव है और उससे पहले राजनीती का स्तर इस कदर गिर चुका है की जनप्रतिनिधि अपने पद की गरिमा भी भूल बैठे है. पहले बहरोड़ से विधायक बलजीत यादव ने अलवर से बीजेपी सांसद बाबा बालकनाथ को ‘साधु के वेश में भेड़िया’ बताया तो वहीं विधायक के इस […]

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Rajasthan News: राजस्थान में इस साल विधानसभा चुनाव है और उससे पहले राजनीती का स्तर इस कदर गिर चुका है की जनप्रतिनिधि अपने पद की गरिमा भी भूल बैठे है. पहले बहरोड़ से विधायक बलजीत यादव ने अलवर से बीजेपी सांसद बाबा बालकनाथ को ‘साधु के वेश में भेड़िया’ बताया तो वहीं विधायक के इस बयान पर पलटवार करते हुए बीजेपी सांसद ने विधायक को ‘भौंकने वाले कुत्ते’ की संज्ञा दे दी.

दरअसल अलवर से बीजेपी के सांसद बाबा बालकनाथ का कुछ दिन पहले एक वीडियो वायरल हुआ था. जिसमें वो रोध्र रूप में आकर पुलिसकर्मियों पर बरसते हुई दिखाई दिए और डीएसपी को बीजेपी की सरकार आने पर देख लेने की धमकी दी. लेकिन उनके इस रवैय के बाद विधायक बलजीत यादव ने ललकारते हुए सांसद को चेतावनी दी की यदि फिर अगर सांसद ने पुलिस की ऐसी बेइज्जती की तो वह सांसद को थप्पड़ मार-मार कर लाल कर देंगें. यहीं नहीं विधायक ने सांसद बाबा बालकनाथ को साधु के वेश में भेड़िया तक कह दिया.

विधायक बलजीत यादव के इस आपत्तिजनक बयान के बाद बीजेपी सांसद बाबा बालकनाथ ने भी पलटवार करते हुए कहा कि उनका संत जीवन और राजनीती जीवन दोनों एक खुली किताब की तरह है. इसमें व्यक्तिगत कुछ भी नहीं है सिर्फ समाज का है और उसी के लिए समर्पित है. लेकिन विधायक का जीवन और पालन पोषण ही ऐसा रहा है, जिसने सिर्फ गंदगी ही सीखी है तो फिर क्या उम्मीद की जाए. सांसद ने आगे कहा कि, एक कुत्ते से क्या उम्मीद की जाए कुत्ता भोंकेगा ही और उसका काम ही क्या है. वहीं डीएसपी आनंद राव को देख लेने की धमकी पर सांसद ने कहा कि पुलिस की वर्दी में ऐसे गुंडे बदमाश काम कर रहे हैं, जो समाज से वसूली का काम करते हैं उनका तो हिसाब-किताब होना ही चाहिए. प्रदेश में बीजेपी की सरकार आने पर डीएसपी का भी हिसाब होगा.

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बता दें कि अलवर के बहरोड़ थाना इलाके में कुछ दिन पहले गैंगस्टर विक्रम गुर्जर उर्फ लादेन के ऊपर अस्पताल में फायरिंग हुई. इस मामले की जांच शुरू की गई तो, पुलिस ने पूछताछ के लिए सांसद के करीबी और 4 लोगों को हिरासत में ले लिया. इसके बाद अलवर से सांसद बाबा बालक नाथ को पता चला तो वे सीधे डीएसपी कार्यालय पहुंचे और डीएसपी आनंद राव से जा भिड़े. सांसद ने तू-तड़ाक की और यहां तक कह दिया कि 8 महीने बाद सरकार बदल जाएगी तो मैं देख लूंगा. बस यहीं से विवाद की चिंगारी सुलग गई और यह बवाल अपराधिक घटनाक्रम से ज्यादा अब राजनीतिक रूप लेता जा रहा है.

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