इंदौर के करोड़पति भिखारी की इनसाइड स्टोरी हैरान कर देगी, भीख से कमाए पैसे पर वसूलता था ब्याज

Indore Crorepati Bhikhari: नौकरी, सैलरी और रिटायरमेंट प्लान पर भरोसा करने वालों को इंदौर के मांगीलाल की कहानी हैरान कर देगी. सड़क पर भीख मांगने वाला यह शख्स तीन पक्के मकानों, कार, ऑटो और ब्याज के धंधे का मालिक है. MP Tak की पड़ताल में सामने आई यह कहानी सोच बदलने वाली है.

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Indore Crorepati Beggar: खूब पढ़ाई की...नौकरी के लिए धक्के खाए...नौकरी लगी तो सैलरी से धीरे-धीरे एक घर, एक कार और कुछ पैसे बैंक में जमाकर बुढ़ापे की चिंता करने वालों को ये खबर बेहद हैरान कर देगी. इंदौर के एक करोड़पति भिखारी मांगीलाल ने तो गजब कर दिया. भीख मांगकर तीन मकान बना लिए. 3 ऑटोरिक्शा और एक कार किराए पर चलवाते हैं. भीख से मिले पैसों को ब्याज पर देते हैं और उसपर इंट्रेस्ट भी वसूलते हैं. पूछने पर कहते हैं- ''मैं किसी से जबरदस्ती नहीं करता...लोग अपनी खुशी से मुझे पैसे देते हैं.'

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एक लकड़ी की गाड़ी जिसमें चार छोटे-छोटे पहिए...जूते पावों में नहीं बल्कि हाथों में...पांव गाड़ी पर और हाथ सड़क पर...सरक-सरक कर चलने वाले मांगीलाल लोगों के देखते ही उनके पास पहुंच जाते हैं. लोग उन्हें बेबस समझ 2-4-5 या 10 रुपए दे देते हैं. पूरे दिन यही चलता है. शाम तक मांगी 500-1000 रुपए कमा लेते हैं. अब आप सोच रहे होंगे कि औसतन 700 रुपए दिन के यानी महीने के 21,000 रुपए कमाने वाले मांगीलाल के पास इतनी संपत्ति कहां से आई?
 

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MP Tak की टीम बाढ़ गंगा कुशवाहा नगर के पास अलवास आश्रम में पहुंची. पता चला ये मकान मांगीलाल का है. 10×20 फीट का 1 BHK का ये मकान रेड क्रॉस सोसायटी की मदद से उनके दिव्यांग होने पर दिया गया है. पता चला मांगीलाल का केवल यही एक मकान नहीं है. इंदौर के भगत सिंह नगर में 16×45 फीट का तीन मंजिला मकान है. इसके अलावा शिवनगर में 600 वर्ग फीट में बना तीसरा पक्का मकान है. रेड क्रॉस सोसायटी द्वारा दिए गए अलवास आश्रम वाले मकान में मांगीलाल अपने माता-पिता के साथ रहते हैं. बाकी मकान में परिवार के अन्य लोग रहते हैं.

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घर में TV, फ्रीज सब मौजूद

मांगीलाल के घर जब MP तक की टीम पहुंची तो देखा कि वहां हर सुविधा मौजूद है. घर में टीवी, फ्रीज, सोने के लिए बेड, कीचन में दो गैस सिलेंडर के साथ गैस का चूल्हा समेत अन्य घरेलू सामान हैं. यानी मांगी दिनभर भले ही भीख मांगते हैं, लेकिन रात में जब घर पहुंचते हैं तो पूरे ऐशो-आराम के साथ नींद लेते हैं.

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भीख से मिले पैसों को ब्याज पर चलाते हैं

मांगी भीख से मिले पैसों को इंदौर के सराफा बाजार में व्यापारियों को ब्याज पर देते हैं. ये सप्ताह भर के लिए पैसे देते हैं फिर हफ्ता पूरा होने पर अलग-अलग व्यापारियों से ब्याज वसूलते हैं. यानी भीख और ब्याज वसूली का काम उनका साथ-साथ चलता रहता है.

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कार और ऑटोरिक्शा के लिए हैं ड्राइवर

मांगी के पास 3 ऑटोरिक्शा हैं जो किराए पर चलते हैं. एक स्विफ्ट डिजायर कार भी है. इसके लिए भी ड्राइवर है. इनसे अलग आमदनी होती है. मांगी के दो और भाई हैं जो अलग रहते हैं. जिला कार्यक्रम अधिकारी रजनीश सिन्हा ने बताया कि इंदौर में फरवरी 2024 से भिक्षावृत्ति मुक्त अभियान चलाया जा रहा है.

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सर्वे में सामने आए 6500 भिक्षुक

इस दौरान शुरुआती सर्वे में 6500 भिक्षुक सामने आए थे, जिनमें से 4500 की काउंसलिंग कर भिक्षावृत्ति छुड़ाई गई. 1600 भिक्षुकों को रेस्क्यू कर उज्जैन के सेवाधाम आश्रम भेजा गया, जबकि 172 बच्चों का स्कूलों में दाखिला कराया गया. प्रशासन ने साफ किया है कि भिक्षावृत्ति करने वालों और इसे बढ़ावा देने वालों के खिलाफ आगे भी सख्त कार्रवाई जारी रहेगी.

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