शिवांगी बघेल ने हैदराबाद में लाखों का पैकेज छोड़ चुना MPPSC, पहले ही प्रयास में बन गई टॉपर
MPPSC Result 2019: मध्यप्रदेश लोक सेवा आयोग ने MPPSC 2019 का फाइनल रिजल्ट जारी कर दिया है. इस एग्जाम में लड़कियों ने बाजी मारी है. प्रथम स्थान जहां सतना की प्रिया पाठक ने हासिल किया है, वहीं सिवनी की शिवांगी बघेल (Shivangi Baghel) ने दूसरा स्थान हासिल किया है.
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MPPSC Result 2019: मध्यप्रदेश लोक सेवा आयोग ने MPPSC 2019 का फाइनल रिजल्ट जारी कर दिया है. इस एग्जाम में लड़कियों ने बाजी मारी है. प्रथम स्थान जहां सतना की प्रिया पाठक ने हासिल किया है, वहीं सिवनी की शिवांगी बघेल (Shivangi Baghel) ने दूसरा स्थान हासिल किया है. शिवांगी ने नौकरी छोड़कर सिविल सर्विस की तैयारी शुरू की थी.
सिवनी की शिवांगी बघेल ने दूसरा स्थान हासिल किया है. शिवांगी ने पहले ही प्रयास में सफलता हासिल की है. साल 2020 की PSC में भी शिवांगी का चयन ज़िला शिक्षा अधिकारी के पद पर हुआ था. जिसके बाद से उनकी भोपाल में ट्रेनिंग चल रही है.
नौकरी छोड़कर शुरू की तैयारी
शिवांगी का परिवार सिवनी के केवलारी ब्लॉक के मलारा गांव की रहने वाला है. 26 साल की शिवांगी ने स्कूली पढ़ाई जबलपुर से की है. शिवांगी के पिता पीडब्ल्यूडी में प्रमुख अभियंता पद पर भोपाल में पदस्थ हैं, वो परिवार के साथ भोपाल में ही रहती हैं. शिवांगी के मामा संतोष बघेल ने बताया कि शिवांगी स्कूल के समय से ही होनहार छात्रा रही हैं. शिवांगी ने जयपुर से एमबीए किया है, इसके बाद हैदराबाद में एक महीने ही नौकरी की और फिर नौकरी छोड़कर पीएससी की तैयारी शुरू की.
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13 प्रतिशत का रिजल्ट होल्ड पर
MPPSC 2019 के रिजल्ट का इंतजार उम्मीदवार पिछले 4 सालों से कर रहे थे. MPPSC में टॉप टेन में से 7 लड़कियों ने बाजी मारी है. देर रात जारी इस हुए MPPSC रिजल्ट ने केवल 87 प्रतिशत पदों का रिजल्ट और मेरिट लिस्ट जारी की है, जबकि 13 प्रतिशत अभ्यर्थियों के नाम होल्ड कर दिए गए हैं. इस परीक्षा के चयन प्रक्रिया को लेकर कोर्ट में मामला लंबित है. बता दें कि MPPSC 2019 का यह एक ऐसी इकलौती परीक्षा है, जिसमें दो अलग-अलग परीक्षाएं आयोजित की गई थी. लेकिन इसका रिजल्ट एक ही बना था.
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प्रिया ने बताई सफलता की कहानी
MP Tak से बात करते हुए शिवांगी ने बताया कि एमबीए करने के दौरान ही उन्होंने सोच लिया था कि PSC की तैयारी करनी है. एमबीए पूरा होते ही प्लेसमेंट में जॉब मिली, हैदराबाद की एक MNC में बतौर टैक्स कंसलटेंट काम शुरू किया लेकिन एक महीने में नौकरी छोड़कर इंदौर आ गईं और PSC की तैयारी शुरू की. हाईकोर्ट की रोक की वजह से रिज़ल्ट जारी नहीं हुए तो साल 2020 की PSC की परीक्षा दी और ज़िला शिक्षा अधिकारी के पद पर मेरा सिलेक्शन हो गया. अभी उसकी ही ट्रेनिंग चल रही है और आज PSC 2019 का रिजल्ट आ गया.
शिवांगी ने बताया कि उन्होंने हर दिन 4 से 5 घंटे नियमित पढ़ाई की और बिना किसी को फॉलो किए ख़ुद की रणनीति बनाई. 50 हज़ार महीने की जॉब छोड़कर तैयारी के सवाल पर शिवांगी ने कहा कि मैंने अपना लक्ष्य चुन लिया था. इसलिए रिस्क लेने से पहले ज़्यादा सोचा नहीं और इसीलिए जॉब छोड़कर मैं तैयारी में जुट गई. शिवांगी का परिवार सिवनी के केवलारी ब्लॉक के मलारा गांव का रहने वाला है.