ऐसा क्या हुआ कि मंदिर में 7 फेरे लेने के बाद दूल्हा-दुल्हन पहुंच गए कलेक्टर से मिलने, जानें
MP News: कलेक्टर की जनसुनवाई में आमतौर पर दुखी लोग ही पहुंचते हैं लेकिन आज (मंगलवार) को खंडवा में जनसुनवाई का नजारा अलग ही था. यहां पर मंदिर में फेरे लेने के बाद नवदंपति कलेक्टर का आशीर्वाद लेने पहुंच गए. इस नेत्रहीन दंपत्ति ने अन्तरजातीय विवाह किया है, दोनों ही पोस्ट ग्रेजुएट हैं लेकिन बेरोज़गार […]
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MP News: कलेक्टर की जनसुनवाई में आमतौर पर दुखी लोग ही पहुंचते हैं लेकिन आज (मंगलवार) को खंडवा में जनसुनवाई का नजारा अलग ही था. यहां पर मंदिर में फेरे लेने के बाद नवदंपति कलेक्टर का आशीर्वाद लेने पहुंच गए. इस नेत्रहीन दंपत्ति ने अन्तरजातीय विवाह किया है, दोनों ही पोस्ट ग्रेजुएट हैं लेकिन बेरोज़गार हैं. नव विवाहित दंपति को उम्मीद है कि कलेक्टर की मदद उनकी आगे की जिंदगी कुछ आसान हाेगी, इसी उम्मीद से वह मिले और कलेक्टर ने भी उन्हें निराश नहीं किया है.
जानकारी के मुताबिक, चीरा खदान निवासी शोभा देवकर ने रामजी चौधरी से मंगलवार को शिव मंदिर में परिवारजनों की उपस्थिति में विवाह कर लिया. शोभा और रामजी दोनों ही नेत्रहीन हैं, लेकिन दोनों अपने मन की आंखों से एक-दूसरे को देखा और दोनों में प्रेम हो गया. एक साल से वे एक दूसरे को जानते थे. अलग-अलग जाति के होने के बावजूद परिजनों ने इस रिश्ते को स्वीकार कर लिया. दोनों ने मास्टर्स की डिग्री ली है. दुल्हन शोभा ने तो बीएड भी किया है. दोनों ने जीवन साथ-साथ बिताने का फैसला तो कर लिया लेकिन बड़ी समस्या रोज़गार की थी.
डिग्रियां होने के बाद भी उन्हें अब तक कोई नौकरी नहीं मिल सकी. शिवमंदिर में विवाह बंधन में बंधने के बाद वे दोनों आशीर्वाद लेने सीधे कलेक्टर के पास पहुंच गए. जनसुनवाई में दूल्हा -दुल्हन को देख सभी चौंक गए, लेकिन माजरा समझने के बाद सभी ने उन्हें शुभकामनाएं दीं. कलेक्टर अनूप कुमार सिंह ने भी उन्हें आशीर्वाद के साथ पात्रता अनुसार शासन की योजना का लाभ देने के लिए आश्वस्त भी किया.

पत्नी ने बताई दोनों की समस्या
मेरा नाम शोभा देवकर है, मेरे पति का नाम रामजी चौधरी है, हम दोनों यहां शिव मंदिर में शादी करने आये थे. हम एक साल से एक-दूसरे को जानते हैं, मेरी एजुकेशन एमए-बीएड है, मेरे पति भी एमए हैं. शादी करके हम बस कलेक्टर का आशीर्वाद लेने आये थे, ताकि हमारा जीवन आगे अच्छे से चल सके. दरअसल अभी हम बेरोज़गार हैं, उसके लिए भी हम कुछ मांग करने यहाँ आये थे. सर ने कहा कि जो भी आपके लिए योजनाओं से लाभ मिल सकेगा वो करेंगे. शादी आज ही दोपहर एक डेढ़ बजे की है.
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कलेक्टर के निर्देश पर उन्हें शासन की किस योजना का लाभ मिल सकता है. यह देखा जा रहा है और सामाजिक न्याय विभाग में उन्हें भेजा गया है कि जिस योजना के तहत वे पात्रता रखते हैं. उस योजना में लगने वाले दस्तावेजों की पूर्ति करके उनको अन्तरजातीय विवाह प्रोत्साहन राशि का लाभ दिया जा सकेगा.
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