'वार रुकवा दिया लेकिन पेपर लीक नहीं रोक पा रहे पीएम मोदी', छात्रों के भविष्य के साथ खिलवाड़ कर रही सरकार: राहुल गांधी

अभिषेक गुप्ता

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Rahul Gandhi on Paper Leak: देश में चल रहे पेपर लीक के मामलों को लेकर रोज नए खुलासे हो रहे है. इन्हीं खुलासों पर कांग्रेस नेता राहुल गांधी ने आज यानी गुरुवार को यूजीसी नीट यूजी परीक्षा में पेपर लीक के मुद्दे पर प्रेस कॉन्फ्रेंस की. उन्होंने केंद्र की मोदी सरकार पर जमकर हमला बोला. कांग्रेस सांसद राहुल गांधी ने कहा, 'सभी शिक्षण संस्थानों को बीजेपी के लोगों ने कैप्चर कर रखा है. जब तक इन्हें मुक्त नहीं कराया जाएगा, तब तक यह चलता रहेगा.' आइए आपको बताते हैं क्या-क्या कहा उन्होंने. 

'एक परीक्षा सही से नहीं करा पा रही मोदी सरकार'

राहुल गांधी ने प्रेस कॉन्फ्रेंस में कहा कि, 'पीएम मोदी इस बार भी पेपर लीक को रोक नहीं पाए. एक परीक्षा में गड़बड़ियों के बाद आप रद्द कर चुके हैं, पता नहीं दूसरे को रद्द किया जाएगा या नहीं. लेकिन कोई न कोई तो इसके लिए जिम्मेदार है और इसके लिए किसी न किसी को तो पकड़ा जाना चाहिए.' आपको बता दें कि, NEET एग्जाम के बाद अब NET परीक्षा में भी धांधली की खबर सामने आ गई है. परीक्षा होने के एक दिन बार NET की परीक्षा को रद्द करने का फैसला लिया गया है.

'रूस-यूक्रेन का युद्ध रुकवा दिया, पेपर लीक नहीं रोक पा रहे'

प्रेस कॉन्फ्रेंस में राहुल गांधी ने सरकार को घेरते हुए कहा कि, 'शिक्षा व्यवस्था का डिमॉनेटाइजेशन हो गया है. निष्पक्ष शिक्षा व्यवस्था ध्वस्त हो गई है. हम संसद में इस मुद्दे को उठाएंगे. नीट और यूजीसी नेट पेपर लीक हुआ है. कहा जा रहा है नरेंद्र मोदी जी ने रूस यूक्रेन की लड़ाई रुकवा दी थी. इसराइल और गाजा के बीच में चल रही लड़ाई मोदी जी ने रुकवा दिया था, लेकिन किसी न किसी कारण हिंदुस्तान में पेपर लीक हो रहे हैं उसको नरेंद्र मोदी रोक नहीं पा रहे हैं या रोकना नहीं चाहते हैं.' उन्होंने कहा कि, हम इस मामले को सांसद में उठायेंगे. 

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पेपर के एक दिन बाद UGC-NET 2024 परीक्षा की गई रद्द

देशभर में 18 जून को UGC-NET 2024 परीक्षा आयोजित की गई. परीक्षा के एक दिन बाद पेपर को रद्द करने का फैसला लिया गया. नेट पेपर लीक आशंका और परीक्षा रद्द होने के बाद तमाम छात्र निराशा और गुस्से में हैं. क्योंकि परीक्षा रद्द होने से न सिर्फ समय खराब होता है बल्कि उम्मीदवारों की हिम्मत और परिवार की उम्मीद भी टूटती है. ऐसे भी कई उम्मीदवार परीक्षा देते हैं जिनका परिवार शायद आगे परीक्षा में बैठने का चांस भी न दे.

आपको दें कि, 11 लाख से अधिक उम्मीदवारों ने यूजीसी नेट का फॉर्म भरा था. 18 जून को एग्जाम हुआ लेकिन नेशनल साइबर क्राइम थ्रेट एनालिटिक्स डिवीजन (NCTAU) ने परीक्षा में विसंगतियों की कई शिकायतें मिलने के बाद अपनी जांच शुरू कर दी. जांच में सामने आया कि शिक्षण संस्थाओं के ऑनलाइन चैट फोरम पर यूजीसी नेट के क्वेश्चन पेपर और सॉल्व्ड पेपर के बारे में बातचीत चल रही है. इसके बाद नेट एग्जाम का रद्द करने का फैसला किया गया.

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