क्या 75 साल की उम्र में PM मोदी को रिटायर होना चाहिए? मोहन भागवत ने दिया ये जवाब
28 अगस्त को प्रेस कॉन्फ्रेंस में भागवत ने संघ-बीजेपी के रिश्ते, रिटायरमेंट की उम्र, जनसंख्या असंतुलन, हिंदू-मुस्लिम एकता जैसे कई विषयों पर बेबाक जवाब दिए. अब उनके बयानों की खूब चर्चा हो रही है.
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राष्ट्रीय स्वयंसेवक संघ (RSS) के 100 वर्ष पूरे होने पर दिल्ली में तीन दिवसीय एक कार्यक्रम हुआ, जिसमें संघ प्रमुख मोहन भागवत ने कई अहम मुद्दों पर अपनी बात रखी. 28 अगस्त को प्रेस कॉन्फ्रेंस में भागवत ने संघ-बीजेपी के रिश्ते, रिटायरमेंट की उम्र, जनसंख्या असंतुलन, हिंदू-मुस्लिम एकता जैसे कई विषयों पर बेबाक जवाब दिए. अब उनके बयानों की खूब चर्चा हो रही है.
RSS-BJP के रिश्तों पर क्या बोले मोहन भागवत?
वहीं भागवत ने संघ और BJP के बीच के रिश्तों पर भी बयान दिया. उन्होंने कहा, "ये हो ही नहीं सकता कि सब कुछ संघ तय करता है. मैं 50 साल से शाखा चला रहा हूं. वो कई साल से राज्य चला रहे हैं. मेरी विशेषज्ञता वो जानते हैं, उनकी मैं जानता हूं."
बीजेपी अध्यक्ष में देरी के सवाल पर उन्होंने कहा, "इस मामले में सलाह तो दी जा सकती है, लेकिन फैसला उस फील्ड में उनका है और इस फील्ड में हमारा है. इसलिए हम तय नहीं करते हैं. हम तय करते तो इतना समय लगता क्या? हम तय नहीं करते हैं."
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75 साल में रिटायरमेंट पर क्या बोले भागवत?
मोहन भागवत से जब 75 साल की उम्र में रिटायरमेंट को लेकर सवाल पूछा गया, तो उन्होंने साफ कहा, "मैंने कभी नहीं कहा कि मैं 75 साल में रिटायर हो जाऊंगा या किसी और को रिटायर होना चाहिए."
उन्होंने कहा कि संघ में काम की कोई उम्र सीमा नहीं है. अगर मैं 80 साल का भी हूं और संघ कहता है कि शाखा चलाओ, तो मुझे करना होगा. संघ जो कहता है, हम करते हैं.
कुछ दिनों पहले भागवत द्वारा दिए बयान के बाद पीएम नरेंद्र मोदी के 17 सितंबर को 75 साल के होने के संदर्भ में कई प्रश्न उठ रहे थे लेकिन गुरुवार को संघ प्रमुख ने साफ कर दिया कि संघ में रिटायरमेंट का कोई नियम नहीं है और जो काम कर सकता है, उसे काम करना चाहिए.
3 संतानें पैदा करने की सलाह
मोहन भागवत ने जनसंख्या असंतुलन पर चिंता जताते हुए कहा कि भारत के प्रत्येक नागरिक को कम से कम तीन संतान पैदा करने चाहिए. उन्होंने कहा, जन्मदर अगर 3 से कम हो तो समाज लुप्त होने की कगार पर पहुंच जाता है.
उन्होंने कहा, डॉक्टर भी कहते हैं कि तीन संतान होना अच्छा है. इससे तीनों का स्वास्थ्य ठीक बना रहता है. उन्होंने सरकार की जनसंख्या नीति 2.1 का ज्रिक करते हुए कहा कि इसका मतलब 3 संतानें होता है. उन्होंने जोर दिया कि सभी को 3 संतानें पैदा करनी चाहिए. r
हिंदू-मुस्लिम एकता पर दिया जोर
हिंदू-मुस्लिम संघर्ष के सवाल पर भागवत ने कहा, “जब दोनों पक्षों में यह विश्वास होगा कि हम एक हैं, भले ही पूजा पद्धति अलग हो, तभी यह संघर्ष खत्म होगा. उन्होंने कहा कि हिंदू, हिंदवी और भारतीय एक ही हैं.