1961 के बाद मणिपुर में जो आया उसे बाहर निकाला जाएगा? CM बीरेन सिंह के इस बयान का मतलब समझिए

सीएम बीरेन सिंह मणिपुर में महीनों तक जारी हिंसा के लिए ड्रग माफियाओं,अवैध प्रवासियों और खासकर प्रदेश में शरण लिए पड़ोसी देश म्यांमार के शरणार्थियों को जिम्मेदार ठहराते रहे हैं.

ADVERTISEMENT

NewsTak
Google CTA

Manipur News: मणिपुर में पिछले साल के अप्रैल से शुरू हुई जातिगत हिंसा छिट-पुट ढंग से अब तक जारी है. इस दौरान प्रदेश के मुख्यमंत्री एन. बीरेन सिंह की खूब आलोचना हुई है. इन्हीं सब के बीच सीएम बीरेन सिंह ने एक बड़ा बयान दे दिया है. उन्होंने कहा है कि, साल 1961 के बाद जो भी लोग मणिपुर में आए और यहीं बस गए, ऐसे लोगों की पहचान की जाएगी और उन्हें प्रदेश से निर्वासित यानी बाहर किया जाएगा. चाहे वो किसी भी जाति के ही क्यों न हों.