अंकिता भंडारी केस : सीएम धामी के CBI जांच के ऐलान के बाद अंकिता के पिता का ऑडियो हुआ वायरल, कथित VIP को लेकर कही ये बात

Ankita Bhandari Case: अंकिता भंडारी हत्याकांड में CBI जांच की सिफारिश के बाद सियासत गरमा गई है. पिता वीरेंद्र भंडारी का एक ऑडियो क्लिप वायरल है, जिसमें VIP एंगल को लेकर उनकी नाराजगी झलकती है. वहीं इस बीच कांग्रेस नेता अलका लांबा ने प्रेस कॉन्फ्रेंस कर सरकार पर तीखा हमला बोला. उन्होंने तीन साल तक की देरी और सबूत मिटाने पर सरकार को कटघरे में खड़ा किया और मामले में अपनी 7 मांगे रखी.

Ankita Bhandari Case
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अंकित शर्मा

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Ankita Bhandari Murder Case: अंकिता भंडारी हत्याकांड में उत्तराखंड सरकार ने CBI जांच की सिफारिश कर दी है. इस घोषणा के बाद अब अंकिता के पिता वीरेंद्र भंडारी का एक ऑडियो क्लिप वायरल हो रहा है. इसमें उनसे उत्तराखंड राज्य आंदोलनकारी और महिला मंच की अध्यक्ष कमला पंत ने बात की है. इस ऑडियो क्लिप में कथित वीआईपी के एंगल को लेकर अंकिता के पिता वीरेंद्र भंडारी की नाराजगी साफ झलक रही है. वहीं, इस मामले आज कांग्रेस नेता अलका लांबा ने प्रेंस कॉन्फ्रेंस की और सरकार पर तीख हमला बोला. अलका ने कहा कि तीन साल बाद सीबीआई जांच की बात हो रही है. लेकिन इस दौरान बहुत से सबूत नष्ट किए जा चुके हैं. कांग्रेस ने इस मामले में अपनी 7 मांगे रखी.

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फोन पर क्या हुई बातचीत?

उत्तराखंड महिला मंच की अध्यक्ष कमला पंत ने अंकिता भंडारी के पिता वीरेंद्र भंडारी से फोन पर बात की है. बातचीत के दौरान वीरेंद्र भंडारी का हालचाल जानने के बाद कमला पंत ने वीरेंद्र भंडारी से पूछा कि क्या आपको पता है कि मामले में मुख्यमंत्री ने CBI जांच की बात कही है? इस पर वीरेंद्र भंडारी ने कहा हां, मैने उनका वीडिया देखा. इस पर कमला ने पूछा कि वीडियाे में आपने क्या सुना. अंकिता ने पिता ने कहा उन्होंने 7 जनवरी को सीएम को दिए गए अपने पत्र में केवल एक ही मांग रखी थी कि अंकिता के हत्याकांड में वीआईपी की भूमिका की जांच सीबीआई से कराई जाए और वो भी सुप्रीम कोर्ट के सिटिंग जज की निगरानी में. वीरेंद्र भंडारी ने कहा कि मुख्यमंत्री के वीडियो में उनकी इस मांग का कोई जिक्र नहीं किया, जैसी हमने मांग रखी थी. यहां पर उनकी नाराजगी साफ झलक रही है आगे अंकिता के पिता कहते है कि जो VIP था उसी से उनकी लड़की की हत्या की है.

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कांग्रेस ने उठाए सबूतों को नष्ट करने पर सवाल

अब इस मामले में राजनीति भी तेज हो गई है. कांग्रेस नेता अलका लांबा ने प्रेस कॉन्फ्रेंस कर सरकार पर तीखे हमले किए. उन्होंने कहा कि तीन साल बाद सीबीआई जांच की बात हो रही है. लेकिन इस दौरान बहुत से सबूत नष्ट किए जा चुके हैं. उन्होंने मांग की कि जिन लोगों ने रिजॉर्ट पर बुलडोजर चलवाकर सबूत मिटाने के आदेश दिए थे. उन पर भी सख्त कार्रवाई होनी चाहिए. अलका लांबा ने पूछा कि क्या सीबीआई बिना किसी दबाव के अगले छह महीने के भीतर इस जांच को अंजाम तक पहुंचा पाएगी?

वीआईपी की उत्तराखंड में सक्रियता पर आपत्ति

अलका लांबा ने आरोप लगाया कि जिस व्यक्ति को इस पूरे मामले में 'वीआईपी' माना जा रहा है. वो आज भी सत्ता में एक्टिव है और उत्तराखंड का प्रभारी बना हुआ है. उन्होंने भाजपा से नैतिकता दिखाने की मांग करते हुए कहा कि ऐसे अपराधियों को न्याय प्रक्रिया से दूर रखा जाना चाहिए. कांग्रेस ने एक 'श्वेत पत्र' जारी कर मांग की है कि कार्यस्थल पर महिलाओं की सुरक्षा सुनिश्चित की जाए और इस पूरे मामले की जांच किसी सिटिंग जज की देखरेख में ही हो.

सीबीआई जांच पर टिकीं नजरें

अंकिता भंडारी की हत्या सितंबर 2022 में हुई थी. कोर्ट ने मई 2025 में मुख्य आरोपियों को उम्रकैद की सजा सुनाई. हालांकि, अंकिता के परिवार और विपक्ष का मानना है कि असली साजिशकर्ता अभी भी कानून की पहुंच से बाहर है. अब सबकी नजरें इस बात पर टिकी हैं कि सीबीआई इस केस को किस दिशा में ले जाती है और क्या वीआईपी का चेहरा जनता के सामने आ पाएगा.

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