मिडिल ईस्ट में तनाव के बीच सोने-चांदी में भारी उठापटक, गोल्ड और सिल्वर में इंवेस्ट करने का आ गया सही समय? एक्सपर्ट से जानें
मिडिल ईस्ट में जारी तनाव के बीच एक्सपर्ट्स का अनुमान है कि अगले 3 साल में सोने और चांदी की कीमतें मौजूदा स्तर से दोगुनी हो सकती हैं. निवेशकों को सलाह दी गई है कि वे भारी गिरावट का इंतज़ार करने के बजाय डिजिटल गोल्ड या एसआईपी (SIP) के जरिए धीरे-धीरे निवेश शुरू करें.

Gold-Silver Price: मिडिल ईस्ट में ईरान और इजरायल के बीच बढ़ते तनाव ने सोने और चांदी की कीमतों में एक बार फिर उबाल ला दिया है. निवेशकों के मन में सवाल है कि क्या यह तेजी जारी रहेगी या कीमतों में गिरावट आएगी? एक्सपर्ट्स की मानें तो अगले 3 साल सोने-चांदी के लिए 'गोल्डन पीरियड' साबित हो सकते हैं.
वैश्विक अनिश्चितता और युद्ध के हालातों के बीच सोने और चांदी ने एक बार फिर अपनी चमक बिखेरनी शुरू कर दी है. Biz Tak के खास शो 'सोना-चांदी' में ऑगमोंट की रिसर्च हेड डॉ. यशना चेनानी ने बाजार की बारीकियों और भविष्य के रुझानों पर विस्तार से चर्चा की.
जंग और डॉलर का असर
डॉ. चेनानी के अनुसार हालिया तेजी का मुख्य कारण मिडिल ईस्ट का तनाव है. हालांकि, डॉलर इंडेक्स में मजबूती के कारण बीच-बीच में 'प्रॉफिट बुकिंग' (गिरावट) भी देखने को मिल रही है. लेकिन यह गिरावट कम समय के लिए है. जब तक भू-राजनीतिक चिंताएं बनी हुई हैं, सोने-चांदी में लंबी अवधि की तेजी बरकरार रहेगी.
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क्या 5-8% की गिरावट आएगी?
बाजार में चर्चा है कि युद्ध शांत होने पर कीमतों में 5 से 8% की गिरावट आ सकती है. इस पर एक्सपर्ट का कहना है कि अगर ऐसी कोई गिरावट आती भी है, तो उसे 'खरीदारी के मौके' के रूप में देखना चाहिए. मार्च के महीने में सोने के अपने पुराने रिकॉर्ड ($5600 इंटरनेशनल और भारतीय बाजार में ₹1,08,000 के आसपास) को तोड़ने की पूरी संभावना है.
अगले 3 साल में पैसा हो सकता है 'डबल'
एक्सपर्ट ने एक चौंकाने वाला अनुमान जताते हुए कहा कि अगले 3 सालों में सोने और चांदी की कीमतें मौजूदा स्तर से दोगुनी (Double) भी हो सकती हैं. उनके मुताबिक अगले 3 साल में $8000 (इंटरनेशनल) और भारतीय बाजार में ₹3 लाख प्रति 10 ग्राम तक पहुंच सकता है.
वहीं चांदी में भी जबरदस्त तेजी की उम्मीद है और यह ₹6 लाख प्रति किलो के स्तर को छू सकती है.
निवेश का 'बेस्ट फॉर्मूला' क्या है?
नए और पुराने निवेशकों के लिए डॉ. चेनानी ने कुछ खास टिप्स दिए हैं:
- 70:30 का रेशियो: अपने पोर्टफोलियो का 20% हिस्सा कीमती धातुओं में रखें. इसमें 70% सोना और 30% चांदी का अनुपात रखें क्योंकि चांदी अधिक उतार-चढ़ाव वाली (Volatile) होती है.
- SIP है बेहतर: कीमतों के निचले स्तर का इंतजार करने के बजाय डिजिटल गोल्ड या गोल्ड ETF में एसआईपी (SIP) शुरू करें.
- 50% फिजिकल 50% डिजिटल: शुभ मौकों पर गहने या सिक्के खरीदें, लेकिन निवेश के लिए डिजिटल माध्यमों का चुनाव करें.
तांबा (Copper) का क्या है हाल?
तांबे को अक्सर 'अगली चांदी' कहा जाता है, लेकिन एक्सपर्ट का मानना है कि तांबा निवेश के बजाय ट्रेडिंग के लिए अधिक उपयुक्त है. इसमें डबल-डिजिट रिटर्न मिल सकता है, लेकिन सोने-चांदी जैसा 'सेफ हेवन' स्टेटस इसके पास नहीं है.
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