Haryana: पलवल के छायंसा गांव में ऐसा क्या हो रहा कि 15 दिनों में हो गई 12 लोगों की मौत, खौफ में ग्रामीण!

Chhayansa Village Palwal News: हरियाणा के पलवल के छायंसा गांव में 15 दिनों में 12 लोगों की मौत हो गई है, जिनमें 5 बच्चे शामिल हैं. स्वास्थ्य विभाग की जांच में पानी के 23 सैंपल फेल मिले हैं और हेपेटाइटिस के लक्षण पाए गए हैं. मेडिकल टीमें गांव में स्क्रीनिंग और इलाज कर रही हैं.

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Chhayansa Village Palwal News: हरियाणा के पलवल जिले का छायंसा गांव इन दिनों गहरे खौफ में है. महज दो हफ्तों के भीतर गांव ने अपने 12 लोगों को खो दिया है. दुखद यह है कि मरने वालों में 5 स्कूली बच्चे भी शामिल हैं. इसके अलावा, 5 बुजुर्ग और 3 युवक की मौत हो गई. गांव के लगभग हर घर में कोई न कोई बीमार है.

लगातार हो रही मौतों के कारण ग्रामीणों में दहशत का माहौल है. स्वास्थ्य विभाग की टीमें गांव में कैंप कर रही हैं और बड़े स्तर पर जांच अभियान चलाया जा रहा है, लेकिन मौतों की असली वजह अब तक पूरी तरह स्पष्ट नहीं हो सकी है.

गांव में हर घर में मरीज, एक जैसे लक्षण

ग्रामीणों के मुताबिक, करीब दो हफ्ते पहले तीन लोगों की अचानक तबीयत बिगड़ी और उनकी मौत हो गई. इसके बाद से बीमारियों का सिलसिला थमने का नाम नहीं ले रहा. कई घरों में लोग बुखार, खांसी, बदन दर्द और उल्टी जैसी शिकायतों से जूझ रहे हैं. गंभीर मरीजों को अस्पतालों में भर्ती कराया गया है, लेकिन कई मामलों में हालत में सुधार नहीं हो रहा.

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स्वास्थ्य विभाग के अनुसार, जिन लोगों की मौत हुई, उनमें समान लक्षण पाए गए. शुरुआती जांच में कुछ मामलों में हेपेटाइटिस-बी और सी, जबकि कुछ में मल्टीपल ऑर्गन फेलियर और लिवर संक्रमण की पुष्टि हुई है.

मुस्लिम बाहुल्य गांव, पानी सप्लाई पर उठे सवाल

करीब 5 हजार आबादी वाला छायंसा गांव मुस्लिम बहुल क्षेत्र है. यहां पानी की सप्लाई तीन अलग-अलग स्रोतों से होती है. कई घरों में अंडरग्राउंड टैंक में पानी जमा किया जाता है. कुछ लोग टैंकर से पानी मंगवाते हैं, जबकि कुछ परिवार आरओ प्लांट का पानी इस्तेमाल करते हैं.

जांच के दौरान पानी के 107 सैंपल लिए गए, जिनमें से 23 सैंपल फेल पाए गए. इन नमूनों में बैक्टीरिया की मौजूदगी और क्लोरीन की कमी पाई गई. स्वास्थ्य अधिकारियों का मानना है कि पानी की गुणवत्ता भी बीमारी की एक बड़ी वजह हो सकती है.

400 से ज्यादा लोगों की स्क्रीनिंग

स्वास्थ्य विभाग की डॉ. सतिंदर वशिष्ठ ने बताया कि 31 जनवरी को मौतों की सूचना मिली थी. इसके बाद 1 फरवरी से गांव में सैंपलिंग शुरू कर दी गई. अब तक करीब 300 ब्लड सैंपल लिए जा चुके हैं और 400 से अधिक लोगों की स्क्रीनिंग की गई है. दो मरीजों में हेपेटाइटिस-बी और सी की पुष्टि हुई है, जिन्हें पलवल सिविल अस्पताल में भर्ती कराया गया है.

जिन घरों में मौतें हुई हैं, वहां के परिवारजनों के भी नमूने जांच के लिए भेजे गए हैं. स्वास्थ्य विभाग की चार टीमें लगातार निगरानी कर रही हैं.

प्रशासन से सख्त कार्रवाई की मांग

लगातार हो रही मौतों से गांव में भय का माहौल है. ग्रामीणों का कहना है कि बीमारी पर जल्द नियंत्रण किया जाए और पानी की सप्लाई की पूरी जांच हो. लोग चाहते हैं कि प्रशासन जल्द से जल्द बीमारी की असली वजह सार्वजनिक करे और प्रभावी कदम उठाए.

Haryana: पलवल के छायंसा गांव में ऐसा क्या हो रहा कि 15 दिनों में हो गई 12 लोगों की मौत, खौफ में ग्रामीण! 

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