भारत का 'टैरिफ़ तोड़': क्या अमेरिकी झटके से उबरने के लिए तैयार है अर्थव्यवस्था?

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अमेरिकी टैरिफ़ के बाद भी भारत की अर्थव्यवस्था उम्मीद से बेहतर प्रदर्शन कर रही है. सरकार ने आय में छूट और GST सुधार जैसे फ़ैसले लेकर टैरिफ़ के संभावित नुक़सान की भरपाई की योजना बनाई है, जिससे ग्रोथ को नई रफ़्तार मिलने की उम्मीद है.

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27 अगस्त 2025 को अमेरिका ने भारत से आने वाले सामान पर 50% का टैरिफ लगा दिया है. अमेरिका के इस फैसले से भारतीय अर्थव्यवस्था पर पड़ने वाले असर को लेकर काफी अटकलें लगाई जा रही हैं. शेयर बाजार में भी डर का माहौल है. लेकिन, सवाल ये उठता है कि क्या वाकई यह भारत के लिए इतना बड़ा झटका है? आइए, इसे विस्तार से समझते हैं.

टैरिफ का असर

यह कहना गलत नहीं होगा कि टैरिफ का देश की अर्थव्यवस्था पर काफी असर पड़ने वाला है. हमारा देश यानी भारत हर साल अमेरिका को लगभग $86 बिलियन (₹7.3 लाख करोड़) का सामान बेचता है. इसमें से आधे से ज़्यादा सामान जैसे कपड़े और हीरे-जवाहरात पर, अब 55% का टैरिफ लगेगा.

ऐसे में भारत को अमेरिका में अपना सामान अमेरिका में बेचने में मुश्किले आएंगी, क्योंकि अन्य देशों पर टैरिफ कम है.

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रॉयटर्स की एक रिपोर्ट के अनुसर, अमेरिका के इस कदम से भारत में 20 लाख लोगों की नौकरी जा सकती है और स्टेट बैंक ऑफ़ इंडिया (SBI) की रिपोर्ट की मानें तो इससे GDP में 0.2% तक का नुकसान भी हो सकता है. कुछ एक्सपर्ट्स की मानें तो इस टैरिफ के कारण पूरे साल की ग्रोथ 6% से नीचे भी जा सकती है.

सरकार के दो बड़े फ़ैसले

इस आपदा में ही अवसर तलाशते हुए सरकार ने दो बड़े फैसले लिए हैं. जिससे उम्मीद है कि टैरिफ के नुकसान की भरपाई हो सकती है.

  • इनकम टैक्स में छूट: बजट में ही यह फैसला हो गया था कि 12 लाख रुपये तक की साला इनकम कमाने वालों पर कोई इनकम टैक्स नहीं लगेगा. इससे लोगों के हाथ में ज्यादा पैसा बचेगा.
  • GST दरों में सुधार: वहीं सरकार GST के ज़्यादातर आइटमों को 5 प्रतिशत और 18 प्रतिशत के दायरे में लाने पर तेजी से काम कर रही है. यह सुधार लंबे वक्त से रुका हुआ था लेकिन टैरिफ के बाद इस पर तुरंत फ़ैसला लिया जा रहा है.

SBI रिसर्च रिपोर्ट की मानें तो इन दोनों फैसलों से लोगों के हाथ में लगभग 5 लाख करोड़ रुपये ज्यादा आएंगे, जिससे खपत बढ़ेगी और ग्रोथ में 1.6% की बढ़ोतरी हो सकती है. यानी, टैरिफ से होने वाले नुकसान से कहीं ज़्यादा फायदा इन फैसलों से मिलने की उम्मीद है.

सरकार का भरोसा

वित्त मंत्री के मुख्य आर्थिक सलाहकार अनंत नागेश्वरन ने कहा है कि सरकार को उम्मीद है कि इस पूरे साल की ग्रोथ 6.3% से 6.8% बनी रहेगी. यह वही अनुमान है जो टैरिफ लागू होने से पहले लगाया गया था. उन्होंने यह भी बताया कि अमेरिका के साथ टैरिफ का यह मसला इस वित्त वर्ष के दौरान सुलझने की उम्मीद है.

यह साफ है कि सरकार ने फिलहाल टैरिफ के असर से निपटने का रास्ता ढूँढ लिया है, लेकिन अमेरिका के साथ व्यापार को आसान बनाने पर भी ध्यान देना जरूरी है.

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