रूस-चीन भड़के, अर्जेंटीना-कनाडा समर्थन में, वेनेजुएला पर अमेरिकी अटैक के बाद दो खेमों में बंटी दुनिया, किसने क्या कहा?
अमेरिका ने वेनेजुएला पर सैन्य हमला कर राष्ट्रपति निकोलस मादुरो और उनकी पत्नी को गिरफ्तार कर लिया है. रूस, चीन और ब्राजील ने इसे संप्रभुता का उल्लंघन बताया है, जबकि फ्रांस और अर्जेंटीना ने इसका समर्थन किया है.

Venezuela Crisis: वेनेजुएला की राजधानी कराकस पर अमेरिका द्वारा की गई सैन्य कार्रवाई ने पूरी दुनिया को हिलाकर रख दिया है. अमेरिकी राष्ट्रपति डोनाल्ड ट्रंप ने दावा किया है कि वेनेजुएला के राष्ट्रपति निकोलस मादुरो और उनकी पत्नी सिलिया फ्लोरेस को गिरफ्तार कर न्यूयॉर्क ले जाया जा रहा है. इस घटना के बाद वैश्विक राजनीति में उबाल आ गया है और दुनिया के देश समर्थन और विरोध के दो गुटों में बंट गए हैं. कई देशों ने इसे संप्रभुता पर हमला बताया तो कुछ नेताओं ने इसे तानाशाही के अंत की शुरुआत कहा.
रूस और चीन ने जताई कड़ी नाराजगी
इस सैन्य कार्रवाई के बाद रूस और चीन ने अमेरिका के खिलाफ मोर्चा खोल दिया है. रूस के विदेश मंत्रालय ने इसे एक संप्रभु राष्ट्र पर हमला बताते हुए मादुरो की तत्काल रिहाई की मांग की है. वहीं, चीन ने इसे अमेरिका की 'दादागिरी' बताया है. चीन का कहना है कि यह संयुक्त राष्ट्र के नियमों का उल्लंघन है और बल प्रयोग के जरिए किसी देश की सरकार को निशाना बनाना पूरी तरह गलत है.
यूरोपीय देशों का मिला-जुला रुख
यूरोप से मिली-जुली प्रतिक्रियाएं सामने आ रही हैं. इटली की प्रधानमंत्री जॉर्जिया मेलोनी ने कहा कि हालांकि वे मादुरो शासन के खिलाफ हैं, लेकिन बाहरी सैन्य हस्तक्षेप समाधान नहीं है. फ्रांस के राष्ट्रपति इमैनुएल मैक्रों ने मादुरो की विदाई को जनता की 'मुक्ति' बताया, जबकि ब्रिटेन के प्रधानमंत्री कीयर स्टारमर ने स्पष्ट किया कि इस हमले में ब्रिटेन शामिल नहीं था लेकिन वे वेनेजुएला में लोकतांत्रिक बदलाव चाहते हैं.
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लैटिन अमेरिकी देशों में तनाव
वेनेजुएला के पड़ोसी देश ब्राजील ने इस कार्रवाई को 'अस्वीकार्य' बताया है. राष्ट्रपति लूला दा सिल्वा ने कहा कि यह अंतरराष्ट्रीय कानूनों के लिए एक खतरनाक मिसाल है. ब्राजील ने संयुक्त राष्ट्र से हस्तक्षेप की मांग की और हालात को देखते हुए आपात कैबिनेट बैठक भी बुलाई.
वहीं, मेक्सिको ने भी इस पर नाराजगी जताते हुए अमेरिका के साथ अपने संबंधों की समीक्षा करने की चेतावनी दी है. इसके विपरीत, अर्जेंटीना और इक्वाडोर जैसे देशों ने अमेरिका के इस कदम का स्वागत करते हुए इसे तानाशाही का अंत बताया है.
यूरोपीय संघ ने संयम बरतने को कहा
यूरोपीय संघ ने सभी पक्षों से संयम बरतने की अपील की है. EU का कहना है कि अंतरराष्ट्रीय कानून का सम्मान होना चाहिए और वेनेजुएला में रह रहे यूरोपीय नागरिकों की सुरक्षा प्राथमिकता है.
डोनाल्ड ट्रंप का बड़ा एलान
गिरफ्तारी के बाद एक प्रेस कॉन्फ्रेंस में राष्ट्रपति ट्रंप ने कहा कि जब तक सत्ता का शांतिपूर्ण हस्तांतरण नहीं होता, तब तक अमेरिका वेनेजुएला के प्रशासन को संभालेगा. इस दौरान उन्होंने कहा कि अमेरिका वेनेजुएला के तेल भंडारों का उपयोग करेगा और और वैश्विक बाजार में तेल की आपूर्ति सुनिश्चित करेगा.
अमेरिका के भीतर ही उठा विरोध का स्वर
इस हमले को लेकर अमेरिका के अंदर भी राजनीति गरमा गई है. सीनेटर बर्नी सैंडर्स ने इसे 'खुला साम्राज्यवाद' बताया और कहा कि राष्ट्रपति को एकतरफा युद्ध छेड़ने का कोई अधिकार नहीं है. न्यूयॉर्क के मेयर ने भी इसे अंतरराष्ट्रीय कानून का उल्लंघन बताया.










