8th Pay Commission: सरकारी कर्मचारियों के लिए खुशखबरी! असम के सीएम ने 8वें वेतन आयोग के गठन का किया ऐलान
8th Pay Commission Update: असम बना 8वें वेतन आयोग का गठन करने वाला देश का पहला राज्य. मुख्यमंत्री हेमंत विश्वा शर्मा ने सुभाष दास की अध्यक्षता में आयोग बनाने का किया ऐलान, जानें कर्मचारियों की सैलरी और पेंशन पर क्या होगा असर.

नए साल 2026 की शुरुआत के साथ ही सरकारी कर्मचारियों और पेंशनभोगियों के लिए एक बड़ी खबर सामने आई है. असम सरकार ने इतिहास रचते हुए देश का पहला ऐसा राज्य बनने की दिशा में गौरव हासिल किया है, जिसने 8वें वेतन आयोग (8th Pay Commission) के गठन का ऐलान किया है.
मुख्यमंत्री हेमंत विश्वा शर्मा का बड़ा ऐलान 1 जनवरी 2026 को एक प्रेस कॉन्फ्रेंस के दौरान मुख्यमंत्री हेमंत विश्वा शर्मा ने घोषणा की कि असम, केंद्र के बाद राज्य स्तर पर 8वां वेतन आयोग गठित करने वाला भारत का पहला राज्य होगा. उन्होंने स्पष्ट किया कि जहां केंद्र सरकार ने पहले ही आयोग का गठन कर दिया है, वहीं असम अब अपने कर्मचारियों के वेतन ढांचे (Salary Structure) में संशोधन के लिए कदम उठा रहा है.
किसकी अध्यक्षता में होगा गठन?
असम के इस 8वें राज्य वेतन आयोग का गठन पूर्व अतिरिक्त मुख्य सचिव सुभाष दास की अध्यक्षता में किया जाएगा. मुख्यमंत्री ने कहा कि इस आयोग का उद्देश्य केवल वेतन बढ़ाना नहीं है, बल्कि सरकारी कर्मचारियों के भत्तों, पेंशन और भविष्य की जरूरतों को ध्यान में रखते हुए ठोस सिफारिशें देना है.
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किसे मिलेगा इसका लाभ?
इस राज्य वेतन आयोग की सिफारिशों का सीधा लाभ असम के सरकारी कर्मचारियों, राज्य पुलिस, सरकारी सहायता प्राप्त स्टाफ और पेंशनभोगियों को मिलेगा.आमतौर पर वेतन आयोग का गठन हर 10 साल में होता है. असम में पिछला आयोग 2015 में गठित किया गया था.
केंद्र सरकार की क्या है तैयारी?
आपको बता दें कि केंद्र सरकार ने पहले ही 3 नवंबर 2025 को रिटायर्ड जस्टिस रंजना देसाई की अध्यक्षता में 8वें केंद्रीय वेतन आयोग का गठन कर दिया है, जिसे अपनी रिपोर्ट सौंपने के लिए 18 महीने का समय दिया गया है. अब सभी की नजरें 'फिटमेंट फैक्टर' पर टिकी हैं, जो यह तय करेगा कि कर्मचारियों की न्यूनतम सैलरी और पेंशन में कितनी वृद्धि होगी.
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