'मेरा रेप हो गया तो कौन लेगा गारंटी?' RTO की कार्रवाई पर भड़की लड़की, जयपुर में आधी रात हाई-वोल्टेज ड्रामा का वीडियो वायरल
Jaipur Viral Video: जयपुर में आधी रात राजस्थान परिवहन विभाग की कार्रवाई के बाद स्लीपर बस सीज होने पर युवती का गुस्सा फूट पड़ा. वीडियो में उसने सुरक्षा को लेकर गंभीर सवाल उठाए. मामले का वीडियो अब सोशल मीडिया पर जमकर वायरल हो रहा है. आइए विस्तार से जानिए मामले की पूरी कहानी.

राजस्थान की राजधानी जयपुर की सड़कों पर आधी रात को उस वक्त जबरदस्त हंगामा खड़ा हो गया, जब आरटीओ (RTO) की टीम ने एक स्लीपर बस को बीच रास्ते में रोककर सीज कर दिया. बस में सवार यात्रियों को आधी रात को सड़क पर उतार दिया गया, जिसके बाद एक युवती का गुस्सा फूट पड़ा. युवती का वीडियो अब सोशल मीडिया पर तेजी से वायरल हो रहा है, जिसमें वह अपनी सुरक्षा को लेकर गंभीर सवाल उठा रही है.
'रेप हो गया तो जिम्मेदारी किसकी?'
वीडियो में दिख रहा है कि युवती आरटीओ अधिकारियों से तीखी बहस कर रही है. वह चीख-चीख कर पूछ रही है, 'आधी रात का वक्त है, अगर हमारे साथ कुछ हो जाता है तो हमारी गारंटी कौन लेगा? अगर हमारा रेप हो गया तो क्या आप हमारे घर सेफ्टी लेकर आओगे?' युवती का आरोप है कि परिवहन विभाग के अधिकारियों ने बिना किसी वैकल्पिक व्यवस्था के यात्रियों को असुरक्षित माहौल में बीच सड़क पर छोड़ दिया.
खाटू श्याम से लौट रहे थे श्रद्धालु
यह स्लीपर बस महाराष्ट्र के श्रद्धालुओं को लेकर सीकर के खाटू श्याम जी के दर्शन कराकर जयपुर लौट रही थी. बस स्टैंड पहुंचने से पहले ही आरटीओ धर्मेंद्र चौधरी के निर्देश पर परिवहन निरीक्षक शकीला बानो और राकेश चौधरी ने बस का चालान काट दिया और यात्रियों को नीचे उतार दिया. यात्रियों का कहना है कि इतनी रात को वे महिलाओं और बच्चों के साथ कहां जाएंगे? जब बहस बढ़ी, तो अधिकारी मौके से रवाना हो गए.
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बस संचालकों का गुस्सा: 'रोजी-रोटी पर मारी जा रही लात'
इस घटना के बाद राजस्थान स्लीपर बस एसोसिएशन ने आरटीओ की कार्रवाई के खिलाफ मोर्चा खोल दिया है. संचालकों का कहना है कि वे सभी मानकों का पालन कर रहे हैं, फिर भी उनके 1-1 लाख रुपये से ज्यादा के चालान काटकर उन्हें बर्बाद करने की कोशिश की जा रही है. उनका आरोप है कि राजस्व वसूली के नाम पर अनैतिक तरीके से बसों को निशाना बनाया जा रहा है.
23 फरवरी से 'चक्का जाम' की चेतावनी
आरटीओ की इस कथित हठधर्मिता के विरोध में बस संचालकों ने बड़े आंदोलन का एलान कर दिया है. स्लीपर बस एसोसिएशन ने घोषणा की है कि 23 फरवरी की मध्यरात्रि से पूरे राजस्थान में स्लीपर बसों का चक्का जाम रहेगा. संचालकों का कहना है कि जब तक परिवहन विभाग अपनी दमनकारी नीतियों को बंद नहीं करता, उनकी हड़ताल जारी रहेगी. यह घटना न केवल परिवहन विभाग की कार्यप्रणाली पर सवाल उठाती है, बल्कि आधी रात को सड़क पर छोड़ी गई महिलाओं की सुरक्षा को लेकर भी प्रदेश सरकार को कटघरे में खड़ा करती है.










