साध्वी प्रेम बाईसा की मौत के बाद पिता की बिगड़ी हालत, रिपोर्ट में इंजेक्शन की भूमिका नहीं, फिर क्यों हो रहा विवाद?
Sadhvi Prem Baisa case update: साध्वी प्रेम बाईसा की अचानक मौत के बाद मामला अभी भी चर्चा में है. जोधपुर के एमडीएम अस्पताल में भर्ती उनके पिता वीरमनाथ बेटी की मौत की जांच की मांग कर रहे हैं. पोस्टमार्टम रिपोर्ट में मौत का कारण कार्डियक अरेस्ट बताया गया है और इंजेक्शन की भूमिका से इनकार किया गया है, फिर भी समर्थकों और परिवार के बीच कई सवाल बने हुए हैं.

साध्वी प्रेम बाईसा की अचानक हुई मृत्यु ने उनके परिवार और समर्थकों को गहरा सदमा दिया है. इस दुखद घटना के 15 दिन बीत जाने के बाद भी उनके पिता वीरमनाथ का बुरा हाल है. उन्होंने अपनी बेटी की याद में अन्न का त्याग कर रखा है, जिसके कारण उनकी तबीयत बिगड़ गई और उन्हें जोधपुर के एमडीएम (MDM) अस्पताल में भर्ती कराना पड़ा है.
पोस्टमार्टम रिपोर्ट में 'कार्डियक अरेस्ट' का खुलासा
साध्वी की मृत्यु को लेकर शुरुआती दौर में कई तरह के सवाल उठाए जा रहे थे, लेकिन पोस्टमार्टम रिपोर्ट ने स्थिति स्पष्ट कर दी है. रिपोर्ट के अनुसार, साध्वी की मौत किसी जहरीले पदार्थ या इंजेक्शन की वजह से नहीं, बल्कि कार्डियक अरेस्ट (दिल का दौरा पड़ने) के कारण हुई थी. बावजूद इसके, साध्वी के पिता वीरमनाथ को लगता है कि उनकी बेटी को न्याय की जरूरत है और वे प्रशासन से इस मामले की और गहराई से जांच की मांग कर रहे हैं.
नर्सिंग स्टाफ के समर्थन में उतरे साथी
जिस नर्सिंग स्टाफ (देवी सिंह) पर इंजेक्शन लगाने का आरोप लगा था, अब उसके समर्थन में राजस्थान के नर्सिंग स्टाफ ने मोर्चा खोल दिया है. नर्सेज एसोसिएशन का कहना है कि देवी सिंह केवल मानवीय भावनाओं के नाते साध्वी के परिजनों के बुलावे पर उनके घर इंजेक्शन लगाने गए थे. उन्होंने वही इंजेक्शन लगाए थे जिनकी डॉक्टर की पर्ची थी और जो परिजन पहले से ही लगवा रहे थे. नर्सिंग स्टाफ का तर्क है कि जब पोस्टमार्टम रिपोर्ट में मौत का कारण इंजेक्शन नहीं है, तो एक कर्मचारी को बेवजह टॉर्चर करना और उसे निशाना बनाना गलत है.
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'कलेजा निकल गया, अब सिर्फ ढांचा बचा है'
अस्पताल के बेड पर लेटे वीरमनाथ ने भावुक होते हुए कहा, 'मेरा नसीब ऐसा ही है... मेरा कलेजा निकल गया है. अब बिना कलेजे के सिर्फ एक ढांचा बनकर बैठा हूं.' उन्होंने उम्मीद जताई है कि सत्य और ईश्वर पर उनका भरोसा उन्हें न्याय दिलाएगा. साध्वी प्रेम बाईसा के समर्थक भी इस बात पर यकीन नहीं कर पा रहे हैं कि इतनी कम उम्र में उन्हें कार्डियक अरेस्ट कैसे हो सकता है. जोधपुर में इस मामले को लेकर अभी भी संशय और जांच की मांग जारी है, जबकि स्वास्थ्यकर्मी अपने साथी के बचाव में खड़े हैं.
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