भाजपा सरकार में दिल्ली की कानून-व्यवस्था ध्वस्त, रोज हो रही हत्याएं- कुलदीप कुमार
दिल्ली में बढ़ते अपराधों पर 'आप' का बड़ा हमला. विधायक कुलदीप कुमार ने नंदनगरी हत्याकांड और बिगड़ती कानून-व्यवस्था को लेकर भाजपा की 'चार इंजन वाली सरकार' को घेरा. जानें क्यों AAP ने कहा कि दिल्ली में अपराधी बेखौफ और जनता डर के साये में है.

आम आदमी पार्टी ने देश की राजधानी दिल्ली में रोजाना हो रही हत्याओं को लेकर भाजपा की सरकार और उसकी पुलिस पर तीखा हमला बोला है। ‘‘आप’’ विधायक कुलदीप कुमार ने कहा कि दिल्ली की कानून-व्यवस्था पूरी तरह से ध्वस्त होने की वजह से रोज हत्याएं हो रही हैं। अपराधी इतने बेखौफ हो गए हैं कि नंदनगरी में अपने नाबालिग बेटे को बचाने गए पिता की बदमाशों ने गोली मार कर हत्या कर दी। हालात ये हो गए हैं कि अब बीच बचाव करने वाले लोगों की हत्याएं हो रही हैं और सरकार व पुलिस सो रही है। जबकि देश की राजधानी में अपराधी थर-थर कांपने चाहिए, लेकिन उल्टा हो रहा हैं। यहां लोग ही बदमाशों के डर के साए में जीने को मजबूर हैं।
बुधवार को “आप” मुख्यालय पर प्रेस वार्ता कर वरिष्ठ नेता कुलदीप कुमार ने कहा कि दिल्ली की कानून-व्यवस्था भाजपा सरकार के हाथ से लगातार निकलती जा रही है। नए साल से लेकर अब तक दिल्ली में सैकड़ों हत्याएं हो चुकी हैं। दिल्ली में एक ही दिन में छह मर्डर हुए। फिर भी भाजपा की चार इंजन वाली सरकार अपराध को रोकने के लिए ठोस कदम नहीं उठा रही है।
कुलदीप कुमार ने कहा कि पहले दिल्ली में जब कोई रोड रेज की घटना होती थी, कोई अपराधी किसी को मारने जाता था या कोई लड़ाई-झगड़ा होता था और कोई दूसरा आदमी बीच-बचाव करने आता था, तो मामला वहीं खत्म हो जाता था। लेकिन आज दिल्ली के अंदर अपराधियों के हौसले इतने बुलंद हो चुके हैं कि मंगलवार को नंदनगरी में एक नाबालिग बच्चे को जब कुछ बदमाश मार रहे थे, तो उसे बचाने आए उसके पिता की गोली मारकर हत्या कर दी गई।
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कुलदीप कुमार ने कहा कि भाजपा देश को विश्व गुरु बनने की बात कर रही है। भाजपा सरकार कह रही है कि हम एआई समिट करा रहे हैं और बाहर से विदेशी प्रतिनिधि आ रहे हैं। देश की राजधानी में ऐसी वारदातें होने से विदेशों में क्या संदेश जाएगा? आखिर दिल्ली में अपराधों पर लगाम क्यों नहीं लग रही है? लगातार फिरौतियां मांगी जा रही हैं और हत्याएं हो रही हैं। अपने बच्चे को बचाने के लिए बीच में आने वाले पिता की गोली मारकर हत्या कर दी गई। कुछ दिन पहले त्रिलोकपुरी में एक व्यक्ति को बचाने आए एक वकील को गोली मार दी जाती है। गनीमत रही कि उनकी जान बच गई। अब दिल्ली में बीच-बचाव कराने वाले को गोली मारी जा रही है, उसकी हत्या कर दी जा रही है।
कुलदीप कुमार ने पूछा कि दिल्ली पुलिस कानून व्यवस्था को लेकर क्या काम कर रही है? एक साल में चार इंजन वाली भाजपा सरकार ने दिल्ली का बेड़ा गर्क कर दिया। कानून व्यवस्था पूरी तरह ठप हो चुकी है। माताएं और बहनें सुरक्षित नहीं हैं। द्वारका केस में पुलिस तब जागी, जब सोशल मीडिया के जरिए उस पर दबाव बना। इसके बाद पुलिस ने नाबालिग आरोपी के पिता पर एफआईआर दर्ज की जाती है। उससे पहले पुलिस सोती रही। भाजपा कानून व्यवस्था पर ध्यान दे। सीएम रेखा गुप्ता ने कॉपी-पेस्ट और नाम बदलने की राजनीति बंद कर कुछ काम करें और दिल्ली की कानून व्यवस्था को ठीक करें।
कुलदीप कुमार ने आगे कहा कि आम आदमी पार्टी के विधायक जब दिल्ली पुलिस कमिश्नर से मिलने का समय मांगतें हैं, तो हमें समय नहीं दिया जाता। आम आदमी पार्टी दिल्ली में विपक्ष की भूमिका निभा रही है। क्या पुलिस कमिश्नर सतीश गोलचा को विपक्ष के विधायकों और नेताओं से मिलने में कोई आपत्ति है? यदि “आप” विधायक दिल्ली की कानून व्यवस्था के संबंध में उन्हें जानकारी देना चाहते हैं, तो क्या वे जानकारी नहीं लेंगे? पुलिस कमिश्नर राजनीति से ऊपर उठकर काम करें। “आप” नेता कानून व्यवस्था पर उनसे बात करना चाहते हैं। हम जानना चाहते हैं कि आखिर अपराधी इतने भयमुक्त क्यों घूम रहे हैं? अपराधियों को अपराध करने से डर क्यों नहीं लग रहा है? दिल्ली देश की राजधानी है, यहां अपराधियों को अपराध करने से पहले थर-थर कांपना चाहिए, लेकिन वे खुलेआम घूम रहे हैं और सड़कों पर गोलियां चला रहे हैं। दिल्ली के अंदर एक दिन में छह-छह हत्याएं हो रही हैं।
कुलदीप कुमार ने कहा कि पुलिस कमिश्नर राजनीति से ऊपर उठकर कानून व्यवस्था पर ध्यान दें। अन्यथा, देश की राजधानी में जिस तरह की घटनाएं हो रही हैं, उससे पूरे देश में क्या संदेश जा रहा है? एक जनप्रतिनिधि होने के नाते हमें पुलिस कमिश्नर से मिलने का पूरा अधिकार है। कमिश्नर को मिलने का समय देना ही पड़ेगा। “आप” विधायक उन्हें बताएंगे कि दिल्ली की कानून व्यवस्था क्यों ठप हो रही है और इसे कैसे ठीक किया जा सकता है। उन्होंने कहा कि दिल्ली में चार इंजन वाली भाजपा सरकार के चारों इंजन फेल हो चुके हैं। दिल्ली में कोई भी काम नहीं कर रहा है।










