बिहार बना दवा आपूर्ति में देश का सिरमौर, मुफ्त दवा नीति ने बदली तस्वीर

Bihar News: बिहार ने स्वास्थ्य सेवाओं में क्रांतिकारी सुधार करते हुए मुफ्त दवा आपूर्ति के क्षेत्र में देश में पहला स्थान प्राप्त किया है. 2006 में केवल 47 प्रकार की औषधियों से शुरू हुई मुफ्त दवा नीति अब 611 प्रकार की दवाओं और 132 चिकित्सा उपकरणों तक पहुंच गई है.

ADVERTISEMENT

NewsTak
फाइल फोटो
Google CTA

बिहार की स्वास्थ्य सेवाएं 2005 के पहले बदहाली के लिए मुख्य रूप से जानी जाती थी. किसी अस्पताल में पशु बंधे होने के, तो किसी अस्पताल की बेड पर कुत्ते सोए होने की तस्वीरें वायरल होती थी. परंतु अब सूबे की स्वास्थ्य सेवाओं ने पिछले दो दशकों में नई इबारत गढ़ी है. वर्ष 2005 के बाद से राज्य की स्वास्थ्य प्रणाली में जो व्यापक सुधार हुए हैं. उनमें सबसे अहम पहलू है शुल्क दवा नीति. इस नीति के तहत बिहार आज देश में सबसे अधिक 611 प्रकार की औषधियां मरीजों को मुफ्त उपलब्ध कराने वाला राज्य बन चुका है. इसमें कैंसर, हार्ट से लेकर वायरल से लेकर अन्य सभी महत्वपूर्ण श्रेणी की बीमारियों की दवाईयां शामिल हैं. पिछले 20 वर्ष में सरकारी अस्पतालों से दवा आपूर्ति में 10 गुणा की बढ़ोतरी हो गई है. मुख्यमंत्री नीतीश कुमार की पहल ने वर्ष 2005 में स्वास्थ्य सुधार की नई दिशा प्रारम्भ की. इस कदम से बिहार की स्वास्थ्य व्यवस्था में व्यापक सुधार हुआ, जिससे मुफ्त दवा नीति को मजबूती मिली. इन प्रयासों का परिणाम है कि आज बिहार स्वास्थ्य सेवाओं और दवा वितरण में देश का अग्रणी राज्य बन गया है.