शंभू गर्ल्स हॉस्टल कांड: पटना नीट छात्रा की मौत मामले में CBI ने बढ़ाया जांच का दायरा, जहानाबाद पहुंचने के बाद सामने आई ये जानकारी
NEET student death case: पटना के शंभू गर्ल्स हॉस्टल में NEET की तैयारी कर रही छात्रा की संदिग्ध मौत मामले में केंद्रीय जांच ब्यूरो (CBI) ने जांच का दायरा बढ़ा दिया है. टीम छात्रा के पैतृक घर जहानाबाद पहुंचकर परिवार से पूछताछ कर रही है और इलेक्ट्रॉनिक साक्ष्यों की जांच कर रही है. जानिए मामले से जुड़े सारे अपडेट्स.

बिहार की राजधानी पटना में नीट (NEET) की तैयारी कर रही एक होनहार छात्रा की संदिग्ध परिस्थितियों में हुई मौत ने पूरे राज्य को झकझोर कर रख दिया है. पिछले महीने पटना के 'शंभू गर्ल्स हॉस्टल' में यह छात्रा बेसुध पाई गई थी, जिसकी इलाज के दौरान मौत हो गई. परिजनों द्वारा हत्या और दुष्कर्म जैसी गंभीर आशंकाएं जताए जाने के बाद, बिहार सरकार ने जन-आक्रोश और मामले की संवेदनशीलता को देखते हुए 31 जनवरी को इसकी जांच केंद्रीय जांच ब्यूरो (CBI) को सौंप दी थी. अब सीबीआई ने इस 'सस्पेंस' से पर्दा उठाने के लिए अपनी जांच की गति तेज कर दी है. हॉस्टल की बारीकी से जांच करने के बाद, सीबीआई की टीम अब छात्रा के पैतृक गांव जहानाबाद पहुंची है, ताकि मौत के पीछे छिपे उन सुरागों को तलाशा जा सके जो अब तक स्थानीय पुलिस की पहुंच से दूर रहे हैं.
सुरागों की तलाश में जुटी सीबीआई
सीबीआई की विशेष टीम ने जहानाबाद स्थित छात्रा के घर का दौरा किया. घंटों चली इस कार्रवाई के दौरान अधिकारियों ने मृतका के माता-पिता और भाई-बहनों से विस्तार से बात की. सूत्रों के अनुसार, सीबीआई ने छात्रा के कमरे की तलाशी ली और उसके कई निजी सामानों, डायरियों और इलेक्ट्रॉनिक उपकरणों को अपने कब्जे में लिया है. जांच का मुख्य उद्देश्य यह पता लगाना है कि क्या छात्रा किसी मानसिक दबाव में थी या फिर उसकी मौत के तार किसी बाहरी साजिश से जुड़े हैं.
एसआईटी (SIT) की जांच रिपोर्ट का विश्लेषण
सीबीआई को सौंपे जाने से पहले इस मामले की जांच एसआईटी कर रही थी. एसआईटी ने पटना में लगभग 30 संदिग्धों का डीएनए (DNA) टेस्ट भी कराया था. सीबीआई अब उन तमाम रिपोर्टों का पुनर्मूल्यांकन कर रही है. हालांकि, अभी तक किसी ठोस 'क्लू' की आधिकारिक पुष्टि नहीं हुई है, लेकिन टीम हॉस्टल के सीसीटीवी फुटेज और छात्रा के मोबाइल कॉल रिकॉर्ड्स को फिर से खंगाल रही है.
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परिजनों की मांग और कानूनी पेच
छात्रा के माता-पिता का शुरू से ही आरोप रहा है कि उनकी बेटी की हत्या की गई है. उन्होंने डीजीपी से मुलाकात कर न्याय की गुहार लगाई थी और मांग की थी कि पूरी जांच 'कोर्ट के संरक्षण' में होनी चाहिए ताकि स्थानीय प्रभाव जांच को प्रभावित न कर सके.
बिहार में गरमाती सियासत
इस दुखद घटना ने अब राजनीतिक मोड़ भी ले लिया है. विपक्ष लगातार राज्य की 'कानून-व्यवस्था' पर सवाल उठा रहा है. पूर्णिया सांसद पप्पू यादव द्वारा इस मुद्दे को प्रमुखता से उठाने और कथित तौर उसके बाद हुई उनकी गिरफ्तारी ने मामले को और अधिक गरमा दिया है. विपक्ष का आरोप है कि सरकार इस मामले को दबाने की कोशिश कर रही है, जबकि सरकार का कहना है कि सीबीआई को केस सौंपना ही निष्पक्षता का प्रमाण है.










