न कोई बात करेगा, न दुकानदार राशन देगा.… बागपत में पंचायत फरमान के बाद फौजी परिवार का सामाजिक बहिष्कार, ये वजह आई सामने

उत्तर प्रदेश के बागपत में भारतीय सेना के जवान उदयवीर के परिवार के कथित सामाजिक बहिष्कार का आरोप सामने आया है. मामला जमीन को लेकर बताया जा रहा है, जिस पर पंचायत में न आने के चलते फौजी के परिवार पर ये दंड लगाया गया. वहीं अब मामले में पीड़ित परिवार ने योगी आदित्यनाथ और नरेंद्र मोदी से न्याय की गुहार लगाई है. इलाके में अब ये मामला चर्चा बना हुआ है.

Bagpat Army jawan case
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Bagpat Army jawan case: यूपी के  बागपत के उदयवीर सरहदों पर देश की रक्षा तो बेखौफ होकर कर रहे हैं, लेकिन उन्हें अपने ही गांव में परिवार की चिंता सता रही है. बता दें कि उदयवीर पहलगाम हमले के बाद चलाए गए ऑपरेशन सिंदूर का हिस्सा रह चुके. इस दौरान देश ने इस दौरान उनके जजबे को सलाम किया लेकिन आरोप है कि गांव की पंचायत ने जवान और उनके परिवार के खिलाफ कथित हुक्का पानी बंद का फरमान जारी कर सामाजिक बहिष्कार का ऐलान कर दिया है.

इस फरमान के तहत कथित तौर पर गांव वालों को परिवार से बात न करने, नाई को बाल न काटने और दुकानदारों को सामान न देने तक की पाबंदी लगाई गई है. पीड़ित फौजी के परिवार से कहा गया है कि जब तक वो 15 लाख रुपये नहीं लैटा देगा तब तक ये बैन नहीं हटेगा. अब इंसाफ की आस में जवान पुलिस के चक्कर काट रहा है लेकिन हर चौखट से निराशा हाथ लग रही है. आखिर क्या है पूरा मामला लिए जानते हैं इस खबर में.

यहां जानिए पूरा मामला

यह मामला बागपत के थाना छपरौली इलाके के बौढा गांव का है. यहां के रहने वाले उदयवीर भारतीय सेना हैं और इस समय राजस्थान में तैनात हैं. बता दें कि उदयवीर वही फौजी हैं जो ऑपरेशन सिंदूर मिशन में शामिल रहे और पहलगाम हमले के बाद चलाए गए ऑपरेशन का हिस्सा बने थे. लेकिन सरहद पर तैनात  इस जवान को अपने ही गांव में अपमान और बहिष्कार झेलना पड़ रहा है.

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उदयवीर के मुताबिक उन्होंने गांव में ढाई बीघा जमीन खरीदी थी. इसका पूरा पेमेंट किया गया. रजिस्ट्री और सभी कागजी कार्रवाई भी पूरी की. लेकिन अब जिस व्यक्ति से जमीन खरीदी थी अब वो उसे वापस मांग रहा है. लेकिन उदयवीर ने अपनी जमीन लौटाने से मना कर दिया.

पंचायत ने परिवार का हुक्का पानी किया बंद

मामले में सूरज, सुभाष और पड़ोसी गांव तुगाना के कृष्णबीर ने पंचायत बुलाई. दावा है कि पंचायत में कुछ हिस्ट्रीशीटर भी शामिल थे. उदयवीर ने बताया कि पंचायत में उनका परिवार के जान के खतरे के डर से नहीं पहुंचा तो पंचायत ने इस पर एक हैरान करने वाला फैसला सुना दिया. दरअसल पंचायत ने उदयवीर के परिवार को मीटिंग में न पहुंचने अपमान मानते हुए सामाजिक बहिष्कार का फरमान सुना दिया.

इसके तहत गांव के किसी भी व्यक्ति उदयवीर परिवार से बात नहीं करेगा. नाई बाल नहीं काटेगा, दुकानदार राशन सामान नहीं देगा और परिवार का हुक्का पानी पूरी तरह बंद रहेगा. इतना ही नहीं ये भी शर्त रखी गई है कि तो जमीन छोड़ो या फिर 15 लाख रुपये दो. इसके बाद ही परिवार का बहिष्कार खत्म होगा.

मानसिक रूप से बेहद परेशान-पिता

इस पूरे मामले में उदयवीर और उनके पिता जसबीर का बयान भी समाने आया है. उन्हाेंने कहा कि हमने ना कोई अपराध किया ना किसी से बदसलूकी की. इसके बाद भी हमें अपराधी बना दिया गया. पिता ने बताया कि घटना के बाद से मानसिक रूप से बेहद परेशान हैं. उन्होंने कहा कि इससे बच्चों के भविष्य और शादी तक पर असर पड़ेगा. परिवार का आरोप है कि वे थाने से लेकर कप्तान तक गुहार लगा चुके हैं, लेकिन कोई सुनवाई नहीं हो रही. अब उन्होंने सीएम योगी और पीएम मोदी से न्याय की गुहार लगाई है.

पुलिस ने क्या कहा?

वहीं इस मामले थाना प्रभारी आशीष पुंडीर ने फोन पर बातया कि मामला ब्याज के पैसों के विवाद का है. इसमे कुछ समय पहले पंचायत बुलाई थी. इसमें दोनों पक्षों को थाने बुलवाया गया है, विवाद पैसों का है.  थाना प्रभारी ने बताया कि फिलहाल धमकाने वाली कोई बात नहीं है. दोनों पक्षों से बातचीत की जा रही है.

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