क्या छात्रा ने खुद खरीदी थी नींद की दवा? शंभू हॉस्टल कांड में SIT को मिला बड़ा सुराग, जहानाबाद से जुड़ी अहम कड़ी
Shambhu Girls Hostel case: पटना के शंभू गर्ल्स हॉस्टल में नीट छात्रा की संदिग्ध मौत मामले में SIT को बड़ा सुराग मिला है. जांच में सामने आया है कि कमरे से मिली नींद की दवा छात्रा ने खुद जहानाबाद के मेडिकल स्टोर से खरीदी थी और उसका पेमेंट भी खुद ऑनलाइन किया था. यह खुलासा केस को आत्महत्या के एंगल की ओर मोड़ रहा है. जानिए जहानाबाद कनेक्शन और SIT की जांच में सामने आए नए सवाल.

पटना के शंभू गर्ल्स हॉस्टल में नीट (NEET) छात्रा की संदिग्ध मौत के मामले में गठित एसआईटी (SIT) की टीम को एक अहम सुराग हाथ लगा है. जांच में यह बात सामने आई है कि छात्रा के कमरे से जो नींद की दवाइयां मिली थीं, उन्हें संभवतः छात्रा ने खुद जहानाबाद के एक मेडिकल स्टोर से खरीदा था. यह खुलासा पुलिस की उस थ्योरी को बल दे रहा है जिसमें इसे आत्महत्या के एंगल से देखा जा रहा है, जबकि परिवार के आरोप कुछ और ही थे. आइए जानते है जांच के दौरान SIT को क्या-कुछ अहम सुराग मिले है और अब आगे क्या करेंगे?
जहानाबाद के मेडिकल स्टोर से खरीदी गई थी दवा
एसआईटी की टीम जांच के सिलसिले में एक बार फिर जहानाबाद पहुंची, जहां छानबीन के दौरान चौंकाने वाला तथ्य सामने आया. सूत्रों के मुताबिक, 27 दिसंबर को छात्रा अपने माता-पिता के साथ जहानाबाद आई थी. इसी दौरान अरवल के पास स्थित एक मेडिकल स्टोर से छात्रा ने अपने पिता की मौजूदगी में नींद की दवा खरीदी थी. खास बात यह है कि इस दवा का भुगतान छात्रा ने खुद ऑनलाइन माध्यम से किया था, जिसकी कीमत ₹350 बताई जा रही है.
लंबे समय से दवा का सेवन कर रही थी छात्रा!
जांच में यह भी पता चला है कि छात्रा लंबे समय से नींद की दवाइयों का सेवन कर रही थी. बताया जा रहा है कि छात्रा के पिता भी पिछले कई सालों से इसी दवा का इस्तेमाल करते आ रहे थे और छात्रा भी उन्हीं दवाओं का सेवन करती थी. पुलिस के एक अधिकारी ने नाम न छापने की शर्त पर बताया कि यह जानकारी केस की एक महत्वपूर्ण कड़ी है. इससे पहले परिवार ने आरोप लगाया था कि छात्रा के कमरे में किसी ने साजिश के तहत ये दवाइयां रखी थीं.
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एसआईटी के सामने कई अनसुलझे सवाल
हालांकि नींद की दवा को लेकर मिली इस कड़ी के बाद कई सवाल खड़े हो गए हैं. एसआईटी अब इस बात की जांच कर रही है कि जब छात्रा ने खुद अपने पिता के सामने दवा खरीदी थी, तो परिवार ने इसके बारे में जानकारी क्यों छुपाई? साथ ही, जांच में यह भी देखा जा रहा है कि जो छात्रा अमूमन ट्रेन से सफर करती थी, वह 27 दिसंबर को अचानक स्कॉर्पियो से जहानाबाद क्यों गई थी?
एम्स भेजी गई पोस्टमार्टम रिपोर्ट
पुलिस अब पोस्टमार्टम रिपोर्ट पर सेकंड ओपिनियन लेने के लिए रिपोर्ट को एम्स (AIIMS) भेज चुकी है. पुलिस को एम्स की अंतिम रिपोर्ट का इंतजार है, जिसके बाद ही मौत की असली वजह और पूरी साजिश का पर्दाफाश हो पाएगा. फिलहाल, एसआईटी की जांच जैसे-जैसे आगे बढ़ रही है, इस हाई-प्रोफाइल मामले में नित नए मोड़ सामने आ रहे हैं.










