Gold Silver Price Update: सोने-चांदी के लगातार बढ़ते भाव के बीच मार्केट एक्सपर्ट ने दिया बड़ा संकेत!
Gold Silver Price Update: साल 2026 की शुरुआत में सोने एक बार फिर नया ऑल-टाइम हाई बनाने के मूड में है और चांदी में भी जबरदस्त तेजी देखने को मिल रही है. बजट से पहले सोने-चांदी के भाव को लेकर मार्केट एक्सपर्ट्स ने बड़ा संकेत दिया है. जानिए जनवरी-फरवरी में गोल्ड की चाल कैसी रह सकती है, मुनाफावसूली का कितना खतरा है और Goldman Sachs समेत एक्सपर्ट्स क्या सलाह दे रहे हैं.

साल 2026 की शुरुआत सोने ने धमाकेदार अंदाज में की है. सोने की कीमत $4,600 डॉलर प्रति औंस के पार पहुंच गई है और एक के बाद एक नए ऑल-टाइम हाई बन रहे हैं. अब सबसे बड़ा सवाल यही है कि बजट से पहले जनवरी में सोना कहां तक जा सकता है? सोना-चांदी के इस एपिसोड में आज जानिए क्या यह तेजी आगे भी जारी रहेगी या अब मुनाफावसूली देखने को मिलेगी? और एक्सपर्ट्स क्या चेतावनी दे रहे हैं? आइए विस्तार से जानते हैं पूरी बात.
सोने-चांदी का भाव
सोने-चांदी के भाव की बात करें तो MCX एक्सचेंज पर 13 जनवरी की दोपहर 5 फरवरी 2026 की डिलीवरी वाला सोना 316 रुपये की गिरावट के साथ 1,41,716 रुपये प्रति 10 ग्राम पर ट्रेड कर रहा था. चांदी की बात करें तो 5 मार्च 2026 कि डिलीवरी वाली चांदी 1480 रुपये की तेजी के साथ 2,70,450 रुपये प्रति किलो पर ट्रेड कर रही थी.
2026 की शुरुआत में सोना क्यों चमका?
सोना हमेशा Safe Haven Investment माना जाता है. यानी जब दुनिया में राजनीतिक तनाव, युद्ध या हिंसा, आर्थिक अनिश्चितता या ब्याज दरों को लेकर डर होता है, तो निवेशक सोने की तरफ भागते हैं. 2026 की शुरुआत में ऐसे ही हालात बने. ईरान संकट और भू-राजनीतिक तनाव इस तेजी की सबसे बड़ी वजह बनी. अमेरिकी राष्ट्रपति डोनाल्ड ट्रंप ने बयान दिया कि अमेरिका ईरान की स्थिति पर कड़े कदम उठाने पर विचार कर रहा है, जिसमें सैन्य विकल्प भी शामिल हैं. हालांकि ईरान के विदेश मंत्री अब्बास अराकची ने कहा कि स्थिति नियंत्रण में है, लेकिन बाजार डर से चलता है बयानों से नहीं. इसी डर ने सोने को नई ऊंचाई पर पहुंचा दिया.
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Goldman Sachs का क्या है मानना?
बड़े निवेश बैंक में शामिल Goldman Sachs अब मान रहा है कि 2026 में अमेरिका में दो बार जून और सितंबर में ब्याज दर कटौती हो सकती है. जब ब्याज दरें घटती हैं तो बैंक FD, बॉन्ड जैसे विकल्प कम आकर्षक हो जाते हैं और तब सोना और ज्यादा चमकता है, क्योंकि उस पर कोई ब्याज नहीं मिलता, लेकिन वैल्यू सुरक्षित रहती है.
मार्केट एक्सपर्ट्स की राय
मार्केट एक्सपर्ट्स के मुताबिक, जनवरी और फरवरी में सोने में तेजी के साथ-साथ Consolidation भी देखने को मिल सकती है. आसान शब्दों में बहुत तेज गिरावट की संभावना कम है. लेकिन बीच-बीच में हल्की मुनाफावसूली संभव है. जब तक भू-राजनीतिक तनाव बना है, ब्याज दर कटौती की उम्मीद है और सोने का ट्रेंड पॉजिटिव ही माना जा रहा है.
सोने पर अब भी भरोसा कायम
एक अहम बात और है कि 2025 गोल्ड ETF के लिए अब तक का सबसे मजबूत साल रहा. World Gold Council के मुताबिक साल 2025 में Gold ETFs में करीब $90 बिलियन डॉलर का रिकॉर्ड निवेश आया, खासकर North America से जबरदस्त इनफ्लो रहा है. ये दिखाता है कि बड़े निवेशक लॉन्ग टर्म में भी सोने पर भरोसा जता रहे हैं.
कुल मिलाकर जानकारों का कहना है कि साल 2026 की शुरुआत सोने के लिए मजबूत रही है, जनवरी-फरवरी में सोना ऊंचे स्तर पर टिक सकता है. हालांकि बीच-बीच में हल्की गिरावट आ सकती है लेकिन ट्रेंड अभी बुलिश है. अगर भू-राजनीतिक तनाव और ब्याज दर कटौती की उम्मीद बनी रहती है, तो नए रिकॉर्ड नकारे नहीं जा सकते.










