जोधपुर: वकील को 'तमीज' सिखाने वाले SHO हमीर सिंह बहाल, वकीलों को लगा तगड़ा झटका? जानें पूरा विवाद
Jodhpur News: जोधपुर में वकील से कथित बदसलूकी के मामले में निलंबित हुए कुड़ी भगतासनी थाने के SHO हमीर सिंह की दो महीने बाद बहाली कर दी गई है. 1 दिसंबर 2025 को थाने में हुए विवाद का वीडियो वायरल होने के बाद वकीलों ने विरोध प्रदर्शन किया था और हाईकोर्ट ने भी मामले में हस्तक्षेप किया था. अब SHO की बहाली के फैसले ने पुलिस और वकीलों के बीच विवाद को फिर से हवा दे दी है.

कानून की चौखट पर जब वर्दी और वकालत आमने-सामने आ जाएं, तो संघर्ष कितना गहरा हो सकता है, इसका उदाहरण जोधपुर का एक विवाद है. महज 2 महीने पहले जिस SHO हमीर सिंह कुड़ी को वकील के साथ बदसलूकी के आरोप में निलंबित किया गया था, अब उनकी राजस्थान पुलिस में बहाली हो गई है. पुलिस के इस फैसले को वकीलों के लिए एक बड़े झटके के तौर पर देखा जा रहा है. आइए विस्तार से जानते हैं इसकी पूरी कहानी.
क्या था 1 दिसंबर का वो वायरल विवाद?
विवाद की शुरुआत 1 दिसंबर 2025 को जोधपुर के कुड़ी भगतासनी थाने में हुई थी. युवा वकील भरत सिंह राठौड़ एक बलात्कार पीड़िता का बयान दर्ज कराने थाने पहुंचे थे. वहां मौजूद SHO हमीर सिंह ने वकील से कहा कि पीड़िता का आधार कार्ड और फोटो सामने बैठे एक कांस्टेबल को दे दें.
विवाद तब भड़का जब वकील भरत सिंह ने सवाल उठाया कि वह कांस्टेबल सिविल ड्रेस में क्यों है और उसने वर्दी क्यों नहीं पहनी है. वकील का तर्क था कि बिना वर्दी के वह किसी पीड़िता की पहचान उसे क्यों सौंपे? इसी बात पर SHO हमीर सिंह भड़क गए और दोनों के बीच तीखी नोकझोंक शुरू हो गई.
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वकील का आरोप: "मेरा अपहरण किया और कोर्ट फाड़ दिया"
वायरल वीडियो में देखा जा सकता है कि SHO हमीर सिंह वकील को तमीज सिखाने की बात कह रहे हैं. वकील भरत सिंह ने आरोप लगाया कि बहस के बाद पुलिस वालों ने उन्हें एक एकांत कमरे में ले जाकर उनके साथ मारपीट की और उनका काला कोर्ट भी फाड़ दिया. उन्होंने इसे अपहरण जैसा कृत्य बताया. इस घटना के बाद जोधपुर के सैकड़ों वकील सड़कों पर उतर आए और थाने का घेराव कर दिया.
हाईकोर्ट का दखल और निलंबन
मामले की गंभीरता को देखते हुए राजस्थान हाईकोर्ट ने खुद संज्ञान लिया. जस्टिस ने पुलिस कमिश्नर और अन्य आला अधिकारियों को कोर्ट में तलब किया. भारी दबाव के बीच IPS रोशन मीणा को जांच सौंपी गई और SHO हमीर सिंह को निलंबित कर दिया गया. उस वक्त वकीलों ने इसे अपनी बड़ी जीत माना था.
2 महीने में बहाली: "हमारा हमीर जिंदा है"
निलंबन के ठीक 2 महीने बाद, एडीजी (विजिलेंस) एस सेंगाथिर ने आदेश जारी कर हमीर सिंह को बहाल कर दिया है. वर्तमान में उनकी पोस्टिंग जोधपुर पुलिस लाइन में की गई है और जल्द ही उन्हें नया थाना आवंटित किया जा सकता है. हमीर सिंह की बहाली की खबर मिलते ही पुलिस महकमे में खुशी की लहर दौड़ गई. सोशल मीडिया पर उनके समर्थकों ने 'हमारा हमीर जिंदा है, हमारा जमीर जिंदा है' जैसे नारों के साथ इस फैसले का स्वागत किया है.
सवाल अब भी बरकरार
हमीर सिंह की वापसी ने एक बार फिर वकीलों के आक्रोश को भड़का दिया है. सवाल यह है कि क्या वकील इस बहाली को इतनी आसानी से स्वीकार करेंगे? क्या एक युवा वकील के साथ थाने में हुआ व्यवहार महज 2 महीने के निलंबन से न्याय पा गया? यह विवाद अब एक बार फिर तूल पकड़ सकता है.
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