भोपाल गैस ट्रेजेडी: 41 साल क्यों पड़ा रहा 3,370 क्विंटल जहरीला कचरा, हजारों की जान लेने वाले वेस्ट से अब क्या था रिस्क?

भोपाल हाईवे पर ग्रीन कॉरिडोर बनाया गया, जिससे 12 कंटेनरों में भरे इस खतरनाक कचरे को सुरक्षित तरीके से पीथमपुर औद्योगिक क्षेत्र तक पहुंचाया जा सके. इस पूरे ट्रांसपोर्ट ऑपरेशन में भोपाल पुलिस के 50 जवान और एक अतिरिक्त पुलिस अधीक्षक स्तर के अधिकारी तैनात रहे.

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भोपाल में यूनियन कार्बाइड के जहरीले कचरे को भोपाल से ले जाया गया.
भोपाल में यूनियन कार्बाइड के जहरीले कचरे को भोपाल से ले जाया गया.
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न्यूज़ हाइलाइट्स

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41 साल बाद यूनियन कार्बाइड के कचरे से भोपाल को मिलेगी मुक्ति

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12 कंटेनर में रवाना हुआ जहरीला कचरा, ग्रीन कॉरिडोर बनाया

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कचरे को नष्ट करने के लिए पीथमपुर औद्योगिक क्षेत्र को चुना गया

Bhopal Gas Tragedy: भोपाल गैस त्रासदी के बाद शहर के बीचोंबीच डंप यूनियन कार्बाइड कारखाने का 3,370 क्विंटल खतरनाक जहरीला कचरे से 41 साल बाद मुक्ति मिल गई है. इसके साथ ही लोगों ने राहत की सांस ली है. जहरीले कचरे रात 12 बजे 12 बड़े-बड़े कंटेनरों में भरकर भोपाल से पीथमपुर के लिए रवाना कर दिया गया, इस कचरे के लिए ग्रीन कॉरिडोर बनाया गया है. कचरा सीहोर होते हुए पीथमपुर के लिए रवाना किया गया, वहां पर कचरे को सुरक्षित तरीके से जलाया जाएगा.