7 साल से सीवेज में जी रहे थे लोग, MP Tak की खबर ने 24 घंटे में बदल दी तस्वीर
इंदौर की स्कीम नंबर 134 की मल्टी में 7 साल से चली आ रही सीवेज और गंदगी की समस्या पर MP Tak की खबर के बाद नगर निगम हरकत में आया. 24 घंटे के भीतर 25-30 कर्मचारियों की टीम ने पहुंचकर सफाई शुरू की, जिससे रहवासियों को बड़ी राहत मिली.

स्वच्छता में देशभर में मिसाल बनने वाला इंदौर अपने ही एक इलाके में बदहाली की कहानी झेल रहा था. स्कीम नंबर 134 की एक मल्टी में रहने वाले लोग बीते 6-7 सालों से सीवेज और गंदगी की समस्या से परेशान थे. हालात ऐसे थे कि ड्रेनेज का गंदा पानी घरों तक पहुंच जाता था और बदबू के कारण रहना मुश्किल हो गया था.
जब इस गंभीर समस्या को हमारी सहयोगी वेबसाइट MP Tak ने प्रमुखता से उठाया, तो प्रशासन की नींद खुली. खबर चलने के महज 24 घंटे के भीतर नगर निगम की बड़ी टीम मौके पर पहुंच गई और तुरंत सफाई अभियान शुरू कर दिया.
25 से 30 कर्मचारियों की टीम ने संभाली कमान
रहवासियों का कहना है कि उन्होंने कई बार हेल्पलाइन और जनप्रतिनिधियों से शिकायत की, लेकिन हर बार निराशा ही हाथ लगी. मगर खबर सामने आते ही सोमवार सुबह नगर निगम की 25 से 30 लोगों की टीम जेसीबी और आधुनिक मशीनों के साथ मल्टी पहुंची और युद्ध स्तर पर काम शुरू किया.
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टीम ने ड्रेनेज के सभी चैंबर एक-एक कर खोले और उनमें सालों से जमा कीचड़ और गंदगी को बाहर निकाला. अब तक करीब 75 प्रतिशत सफाई का काम पूरा हो चुका है.
अब चेहरे पर दिखी राहत की मुस्कान
इस मल्टी में रहने वाले बुजुर्गों और बच्चों के लिए हालात किसी बुरे सपने से कम नहीं थे. एक बुजुर्ग महिला ने भावुक होकर कहा, “बहुत दिनों बाद ऐसा लग रहा है कि हमारी बात किसी ने सुनी है. अब बदबू कम हुई है, बस चाहत है कि पीने का पानी भी साफ मिले.”
रहवासियों ने मांग की है कि ड्रेनेज लाइन को स्थायी रूप से ठीक किया जाए और लापरवाही करने वालों पर जुर्माना भी लगाया जाए, ताकि आगे दोबारा यह परेशानी न झेलनी पड़े.
इंदौर की इस कहानी ने एक बार फिर साबित कर दिया कि जब मीडिया मुद्दा उठाता है और प्रशासन जिम्मेदारी निभाता है, तो सालों पुरानी परेशानी भी कुछ ही घंटों में दूर होने लगती है.
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