Jharkhand Plane Crash: रांची एयर एम्बुलेंस क्रैश में जान गंवाने वाले मरीज संजय के भाई आए कैमरे के सामने, बताया 7.5 लाख खर्च कर क्यों ले जा रहे थे दिल्ली

Jharkhand Air Ambulance Crash: चतरा के जंगलों में क्रैश हुई एयर एम्बुलेंस में जान गंवाने वाले मरीज संजय कुमार के भाई विजय कुमार ने इस दर्दनाक हादसे के बाद अपना दुख साझा किया है. उन्होंने बताया कि कैसे डॉक्टरों की सलाह पर भाई की जान बचाने के लिए उन्होंने लाखों रुपये खर्च कर यह मेडिकल फ्लाइट बुक की थी.

Jharkhand Air Ambulance Crash
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Ranchi Air Ambulance Crash: झारखंड के चतरा जिले में सोमवार को हुए दर्दनाक एयर एम्बुलेंस हादसे ने सबको झकझोर कर रख दिया है. इस हादसे में 7 लोगों की मौत हो गई है. एयर एम्बुलेंस में 41 वर्षीय मरीज संजय कुमार को बेहर इलाज के लिए दिल्ली लेकर जाया जा रहा था. अब हादसे में जान गंवाने वाले 41 वर्षीय मरीज संजय कुमार के भाई विजय कुमार साहू ने मीडिया से बातचीत है. इसमें उन्होंने बताया कि अपने भाई को एयरलिफ्ट करने की नौबत क्यों आई और कैसे उन्हें इस हदासे की खबर मिली.

होटल में लगी आग से झुलस गए थे संजय

संजय कुमार के भाई विजय ने बताया कि उनके भाई एक होटल में हुए शॉर्ट सर्किट की वजह से लगी आग की चपेट में आ गए थे. आग में बुरी तरह झुलसने के बाद उन्हें इलाज के लिए रांची के देव कमल अस्पताल में भर्ती कराया गया था. वहां काफी समय तक इलाज चला, लेकिन संजय की हालत में सुधार नहीं हो रहा था और स्थिति लगातार दयनीय होती जा रही थी.

डॉक्टरों ने परिजनों को दी थी ये सलाह

विजय साहू के अनुसार वे संजय को बेहतर इलाज के लिए दिल्ली ले जाना चाहते थे. उन्होंने पहले सड़क मार्ग यानी एम्बुलेंस से ले जाने का प्रयास किया, लेकिन डॉक्टरों ने साफ मना कर दिया. डॉक्टरों का कहना था कि संजय की हालत इतनी नाजुक है कि वे रास्ते में ही कोलैप्स कर सकते हैं. डॉक्टरों ने सलाह दी कि अगर उन्हें बचाना है, तो एयर एम्बुलेंस के जरिए ही दिल्ली ले जाना मुमकिन होगा.

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7.5 लाख रुपये में बुक की थी एयर एम्बुलेंस

भाई की जान बचाने की उम्मीद में परिवार ने करीब साढ़े सात लाख रुपये का इंतजाम किया और रेड बर्ड एविएशन की एयर एम्बुलेंस बुक की. विजय ने बताया कि शाम 7:07 बजे उन्होंने खुद अपने भाई को रांची एयरपोर्ट पर विमान में बैठाया और उड़ान भरते देखा. उन्हें उम्मीद थी कि दिल्ली के बड़े अस्पताल में संजय ठीक हो जाएंगे, लेकिन नियति को कुछ और ही मंजूर था.

घर पहुंचते ही टीवी पर देखी भाई की मौत की खबर

हादसे का सबसे दर्दनाक पहलू यह रहा कि परिजनों को इसकी जानकारी टीवी और मोबाइल के जरिए मिली. विजय ने बताया कि संजय को विदा करने के बाद वे अपने घर चंदवा लौट आए थे. घर पहुंचते ही जब उन्होंने टीवी चालू किया, तो खबर आ रही थी कि वही विमान रडार से बाहर हो गया और चतरा के पास क्रैश हो गया. विमान में सवार संजय सहित डॉक्टर और पायलट समेत सभी सात लोगों की इस हादसे में मौत हो गई है.

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