बिल रोक विधानमंडल को वीटो नहीं कर सकते राज्यपाल… सुप्रीम कोर्ट ने क्यों की ऐसी टिप्पणी?

देश में इस वक्त कई राज्यों की सरकारों और राज्यपाल के बीच के विवाद चर्चा का विषय बने हुए हैं. खासकर ऐसे राज्य जहां गैर बीजेपी (भारतीय जनता पार्टी) सरकारें हैं.

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Government-Governor conflict in Punjab
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Government-Governor conflict: देश में इस वक्त कई राज्यों की सरकारों और राज्यपाल के बीच के विवाद चर्चा का विषय बने हुए हैं. खासकर ऐसे राज्य जहां गैर बीजेपी (भारतीय जनता पार्टी) सरकारें हैं. इनमें पंजाब, तमिलनाडु, केरल जैसे राज्य हैं. यह विवाद शक्तियों के बंटवारे और एक दूसरे के अधिकारक्षेत्र में अतिक्रमण करने से खड़े हो रहे हैं. राज्य सरकार और राज्यपाल के बीच टकराव के ये मामले सुप्रीम कोर्ट के सामने भी आए हैं. इस बीच सुप्रीम कोर्ट ने पंजाब सरकार और राज्यपाल के बीच चल रहे विवाद पर अपनी टिप्पणी की है. केस की सुनवाई कर रही मुख्य न्यायाधीश डी वाई चंद्रचूड़, न्यायमूर्ति जे बी पारदीवाला और न्यायमूर्ति मनोज मिश्रा की पीठ ने कहा कि सदन से कानून बनाने के लिए भेजे गए बिलों को राज्यपाल अनिश्चितकालीन समय तक अपने पास लटका कर नहीं रख सकते हैं.