उत्तर प्रदेश: कुंडा में राजा भैया के खिलाफ अखिलेश का 'मास्टरस्ट्रोक'? इस युवा चेहरे को चुनावी मैदान में उतार सकती है सपा

कुंडा में राजा भैया के खिलाफ सपा इस बार बड़ा दांव खेल सकती है और सूत्रों के मुताबिक अखिलेश यादव युवा चेहरा ज्योत्स्ना सिंह को मैदान में उतारने पर विचार कर रहे हैं. इससे 2022 में उम्मीदवार रहे गुलशन यादव का पत्ता कटने की अटकलें तेज हो गई हैं,

ज्योत्स्ना सिंह के नाम की चर्चा तेज
ज्योत्स्ना सिंह के नाम की चर्चा तेज
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उत्तर प्रदेश की सियासत में कुंडा विधानसभा सीट हमेशा से चर्चा का केंद्र रही है. जनसत्ता दल लोकतांत्रिक के अध्यक्ष रघुराज प्रताप सिंह उर्फ 'राजा भैया' के इस अभेद्य किले में सेंध लगाने के लिए समाजवादी पार्टी (सपा) एक बड़े बदलाव की तैयारी में दिख रही है. सूत्रों के मुताबिक अखिलेश यादव इस बार राजा भैया के खिलाफ एक युवा महिला चेहरे को मैदान में उतार सकते हैं. 

ज्योत्स्ना सिंह के नाम की चर्चा तेज

समाजवादी पार्टी के भीतर प्रत्याशियों के चयन को लेकर चल रहे मंथन के बीच ज्योत्स्ना सिंह का नाम प्रमुखता से उभर कर सामने आया है. 5 जनवरी को हुई सपा की एक उच्च स्तरीय बैठक में अखिलेश यादव ने ज्योत्स्ना सिंह के नाम को लेकर संकेत दिए हैं. हालांकि पार्टी की तरफ से अभी तक इसकी कोई आधिकारिक घोषणा नहीं की गई है. 

कौन हैं ज्योत्स्ना सिंह?

ज्योत्स्ना सिंह प्रतापगढ़ की ही रहने वाली हैं और उनका परिवार लंबे समय से जिले की राजनीति में सक्रिय रहा है. उनकी माता समाजवादी पार्टी से जुड़ी रही हैं और प्रतापगढ़ सदर सीट से ब्लॉक प्रमुख भी रह चुकी हैं. उनके पिता राजकुमार सिंह भी सदर ब्लॉक के प्रमुख रहे हैं. 

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ज्योत्स्ना ने राजस्थान से अपनी पढ़ाई पूरी की है. वे मछलीशहर की युवा सांसद प्रिया सरोज की करीबी मानी जाती हैं. अखिलेश यादव इन दिनों पार्टी में पढ़े-लिखे और युवा चेहरों को प्रमोट कर रहे हैं, ऐसे में ज्योत्स्ना सिंह उस खांचे में फिट बैठती हैं. 

क्या गुलशन यादव का कटेगा पत्ता?

साल 2022 के विधानसभा चुनाव में समाजवादी पार्टी ने राजा भैया के खिलाफ गुलशन यादव को उतारा था. उस चुनाव में राजा भैया की जीत का अंतर काफी कम हो गया था जिसे सपा की एक रणनीतिक जीत के तौर पर देखा गया था, लेकिन अब ज्योत्स्ना सिंह के नाम की चर्चा ने सवाल खड़े कर दिए हैं कि क्या पार्टी गुलशन यादव की जगह नए चेहरे पर दांव लगाएगी.

एक पेंच यह भी है कि ज्योत्स्ना के परिवार का दबदबा मुख्य रूप से प्रतापगढ़ सदर सीट पर रहा है ऐसे में उन्हें कुंडा से उतारना सपा का एक बड़ा राजनीतिक प्रयोग हो सकता है.

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